प्रणिता देवरे नांदेड़ जिले के सांसद प्रतिनिधी प्रतापराव पाटिल चिखलीकर की बेटी हैं | वह सबके साथ हमेशा सामान्य की तरह ही बरताव करती है | इसलिये उनके काम को जनता बखूबी जानते है। दिनभर किसी भी कठिन काम में मदद करने के लिए ताई के पास लोगों की संख्या अधिक होती है और वे हर काम को समझा-बुझाकर हल कर लेती हैं।
लोह्या के छात्र चंद्रकांत कहालेकर ने पिछले साल एमबीबीएस शुरू किया था। उनके पिता नहीं हैं। मां एक दर्जी का काम करती हैं। उन्होंने अपनी गरीबी पर काबू पाकर मेडिकल में प्रवेश लिया लेकिन उनके पास फीस के लिए पैसे नहीं थे। उस समय प्रणिताताई को पता चला और वह लक्ष्मीकांत की मदद के लिए दौडी चली आई। उन्होने उसे 75 हजार रुपये की सहायता की।
जलगाव के मेडिकल कॉलेज में अपनी शेष शिक्षा के दौरान, उन्होंने छात्रावास के लिए सहयोग करने का वादा किया। ऐसे काम दयालू इन्सान ही कर सकते है ,जो हमेशा लोगों की खुशी में शामिल होते हैं। वह हमेशा लोगों के साथ पिता, चाचा, भाई अपने समझके ही बातचीत करती हैं |वे जहाँ भी जाती हैं बुजुर्ग, माताएं उनके सिर पर हाथ फेरकर प्रणिताताई को आशीर्वाद देती हैं| ताई हमेशा बुजुर्गो का आशीर्वाद लेती हैं| उनका प्रेमपूर्ण स्वभाव विपक्ष को भी विरोध की धार कम करने पर मजबूर कर देता है;और अपना बना लेता हैं | इस पुरे वर्ष में उन्होने बिलोली, भोकर, मुखेड़, हदगांव ,माहुर, किनवट, हिमायतनगर, नांदेड़ उत्तर, नांदेड़ दक्षिण का पुरा चप्पा चप्पा छान मारा हैं।
किसी भी छात्र को चाहे कोई भी समस्या हो, वे जानते हैं कि ताई उसे सुलझाने में मदद के लिए हमेशा तैयार हैं। इतना विश्वास उन्होने पा लिया हैं। सामाजिक कार्यों में अग्रणी होने के नाते प्रणीताताई ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और जल आंदोलन के क्षेत्र में महान योगदान दिया है और यह कार्य आज भी लगातार जारी है।