WFI Election 2023: क्यों लगाई गई भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव पर रोक? जानिए वजह
Edited By Bhoopendra Rai

WFI Election 2023
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WFI Election 2023
नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव पर पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। 12 अगस्त को इस चुनाव के लिए वोटिंग होनी थी। इसके ठीक 1 दिन पहले हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन की याचिका पर सुनवई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव को स्टे कर दिया है। अब 28 अगस्त तक चुनाव पर रोक लगाई गई है। आखिर क्यों चुनाव पर रोक लगाई गई है, नीचे जानिए आसान भाषा में…
शुक्रवा को सुनावई के दौरान हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन (HWA) की पैरवी कर रहे एडवोकेट रविंद्र मलिक ने दलील दी कि अगर हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन को WFI चुनाव में हिस्सा लेता है तो इससे WFI के चुनाव अवैध हो जाएंगे। इस दलील के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने कहा ‘प्राइमरी तौर पर ये लगता है कि हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन वोट देने के लिए इलिजिबल नहीं है।’ जिसके बाद चुनाव पर स्टे लगा दिया गया है।
हाईकोर्ट ने चुनाव पर स्टे लगाते हुए हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ के प्रतिनिधियों को झटका दिया। हाई कोर्ट ने इस संघ को भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव में भाग लेने के योग्य नहीं माना है। साथ ही नोटिस जारी करके पूछा है कि क्यों न वोट डालने पर रोक लगा दी जाए?
दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव को लेकर हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ और हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन आमने-सामने हैं। हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन चाहता था कि उसे इस चुनाव में वोट करने दिया जाए। एसोसिएशन ने दावा किया है कि वह WFI और हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन से एफिलिएटेड है। इसे लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की अगुवाई में हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन ने याचिका दाखिल की थी। जिसमें आरोप लगाया है कि उसकी बजाय किसी एक अन्य संघ को इस चुनाव में भाग लेने की परमिशन दे दी गई है।’
वहीं हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन का दावा है कि उसे WFI और हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन से मान्यता मिली हुई है। इस संघ ने खुद को वैध बताया है। इस संघ का दावा था कि दीपेंद्र हुड्डा वाली हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन WFI से मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए वे WFI चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकते। जिसके बाद 11 अगस्त को हाई कोर्ट ने हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन की याचिका पर सुनावई और चुनाव पर फिलहाल रोक लगा दी।
दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ में चुनाव के जरिए कुल 15 पद भरे जाने हैं। इसके लिए कुल 30 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। अध्यक्ष पद के लिए 4 जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए 3, उपाध्यक्ष के लिए 6, महासचिव के लिए 3 और कोषाध्यक्ष के लिए 2 उम्मीदवार मैदान में हैं। संयुक्त सचिव और उम्मीदवार कार्यकारी सदस्य पद के लिए कुल 9 उम्मीदवार मैदान में हैं।
भारतीय कुश्ती महासंघ यानी डब्ल्यूएफआई का अध्यक्ष बनने की चुनावी दौड़ में बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह हैं। उनके अलावा राष्ट्रमंडल खेल 2010 की चैंपियन अनीता श्योरण भी मैदान में हैं। ये वही अनीता श्योरण हैं, जो बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में गवाह भी हैं। इन्हें विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजंरग पुनिया सहित कई पहलवान समर्थन कर रहे हैं।
आपको बता दें कि महिला पहलवान यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवान मोर्चा खोला हुए हैं। हाल में जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजंरग पुनिया सहित कई खिलाड़ियों ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी पहलवानों की मांग थी कि बृजभूषण सिंह को डब्लूयएफआई के चीफ के पद से हटाया जाए। पहलवानों के इस प्रदर्शन के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनावों पर सबकी नजर है।
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