Champions Trophy 2025: चैंपियंस ट्रॉफी दिन-प्रतिदिन नजदीक आती जा रही है। 19 फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में 130 करोड़ भारतीयों को अपने स्टार खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें हैं। फैन्स इस आस में हैं कि टी-20 वर्ल्ड कप की तरह ही चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी इस बार भारत आएगा। मगर भारतीय बल्लेबाजों की लगातार गिरती फॉर्म और लचर प्रदर्शन ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में तो इंडियन बैटर्स का फ्लॉप शो जारी है ही, लेकिन अब तक घरेलू क्रिकेट में टीम इंडिया के स्टार रनों के लिए तरस रहे हैं।
चैंपियंस ट्रॉफी के लिए चुनी गई भारतीय टीम के टॉप पांच बल्लेबाज गुरुवार (23 जनवरी) को रणजी के रण में उतरे। टेंशन की बात यह है कि इन 5 बैटर्स में से सिर्फ एक ही बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार कर सका। पांच बल्लेबाजों ने मिलकर कुल 23 रन बनाए।
घरेलू क्रिकेट में फ्लॉप भारतीय स्टार्स
23 जनवरी से शुरू रहे रणजी ट्रॉफी के दूसरे राउंड में हर किसी की निगाहें मुंबई बनाम जम्मू कश्मीर के मैच पर टिकी हुई थीं। इसकी वजह यह थी कि भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा लंबे समय बाद घरेलू क्रिकेट में लौट रहे थे। रोहित से उम्मीदें तो बहुत थी, लेकिन उनका हाल वही हुआ, जो कंगारू धरती पर लगातार हो रहा था। 19 गेंदें खेलने के बाद हिटमैन सिर्फ 3 रन बनाकर चलते बने। कंगारू धरती पर फॉर्म में नजर आए यशस्वी जायसवाल भी बल्ले से फ्लॉप रहे और महज 4 रन बनाकर पवेलियन की ओर चल पड़े।
गिल-पंत का भी हाल बेहाल
पंजाब की ओर से खेलते हुए शुभमन गिल का भी हाल बेहाल रहा। गिल सिर्फ 4 रन बनाने के बाद पवेलियन की ओर चल पड़े। वहीं, दिल्ली की तरफ से खेलने उतरे ऋषभ पंत तो बड़ी मुश्किल से अपना खाता खोल सके और महज एक रन बनाकर चलते बने। घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाकर चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में जगह बनाने वाले श्रेयस अय्यर भी मात्र 11 रन ही बना सके। यह वो पांच बल्लेबाज हैं, जिनके ऊपर टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाने का जिम्मा है, लेकिन इस तरह के प्रदर्शन के साथ कैसे टीम इंडिया का बेड़ा पार होगा यह भगवान ही जाने।