Paris Olympics में लक्ष्य सेन से हारकर भी जीत गया ये शख्स, मैच से पहले छिपाई इतनी बड़ी बात

2024 Paris Olympics: भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने पहली बार पेरिस ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बनाकर दिखा दिया है कि वे किसी से कम नहीं हैं। लेकिन उनको यहां तक पहुंचने के लिए जिस खिलाड़ी ने चुनौती दी। उनकी कहानी भी किसी योद्धा से कम नहीं है। आइए उनके बारे में जानते हैं।

chinese taipei player chou tien chen

ताइपे बैडमिंटन स्टार चोउ तिएन चेन-फोटो विकिपीडिया

Paris Olympics 2024: भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने पेरिस ओलंपिक 2024 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने चीनी ताइपे के बैडमिंटन स्टार चोउ तिएन चेन को तीन चरणों के रोमांचक मुकाबले में करारी शिकस्त दी। चोउ के बारे में एक चौंका देने वाली बात पता लगी है। पिछले साल चोउ कोलोरेक्टल कैंसर से जूझ रहे थे। कैंसर को उन्होंने मात दे दी, जिससे उनकी जान बच गई। वहीं, सेन पहले पुरुष भारतीय शटलर बन गए हैं, जो सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। लेकिन जीत के बाद भी ज्यादा ध्यान हारने वाले खिलाड़ी चोउ खींच रहे हैं। क्वार्टर फाइनल की उनकी कहानी फिल्मी जरूर लगती है। लेकिन यह हकीकत है। दिल खोलकर चोउ ने सेन के खिलाफ जंग लड़ी। पहले सेटों में जीत दर्ज की।

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सेन ने मैच जीता, चोउ ने दिल

अंत में मुकाबला सेन ने जीता लेकिन दिल चोउ ने। मैच के दौरान पहले दो चरणों में जिस आक्रामकता से उन्होंने सेन का मुकाबला किया, वह काफी रोमांचक था। इतनी सजगता से खेले कि मैच उनके ही पक्ष में जाएगा, ऐसा लग रहा था। किसी भी पल हार नहीं मानी। चीनी बैडमिंटन स्टार जिस बीमारी से पिछले साल जूझ रहे थे, ऐसा लग रहा था कि वे शायद ही कभी खेल पाएंगे? खेल तो दूर की कौड़ी, बात जिंदगी पर आ गई थी। बीमारी के कारण ऐसा लग रहा था कि वे शायद ही कभी बैडमिंटन कोर्ट में दिखें?

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लेकिन चोउ ने हार नहीं मानी और कोलोरेक्टल कैंसर को मात दे दी। चोउ दुनिया के नंबर 2 खिलाड़ी रह चुके हैं। चोउ के अनुसार उन्होंने ओलंपिक खेलने के लिए पूरा ट्रीटमेंट लिया। BWF मैड्रिड स्पेन मास्टर्स 2024 में खेलने के लिए वे आयोजकों का शुक्रिया भी अदा करते हैं। जिन्होंने चोउ को खेलने की अनुमति दी थी। चोउ ने शुरू में इस बीमारी को अपने प्रशंसकों से गुप्त रखा। लेकिन बाद में दूसरों को शुरुआती कैंसर की जांच से प्रोत्साहित करने के लिए साझा करने का फैसला किया। 2023 की शुरुआत में चोउ को संदिग्ध बीमारी का पता लगा था। एक साल इलाज के बाद चोउ को दोबारा कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने सर्जरी करवाई। चोउ के अनुसार उनको नहीं लगता था कि वे इस बीमारी से इतनी जल्दी ठीक हो जाएंगे।

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अस्पताल बदला तब पता लगा कैंसर का

शुरुआत में विशेषज्ञ ने एक साल इंतजार करने को कहा था। उन्होंने दूसरे अस्पताल में इलाज करवाया। जिसके बाद कैंसर होने की बात पता लगी थी। उन्होंने तेजी से रिकवरी की और जल्द ही बैडमिंटन कोर्ट में वापसी कर ली। उन्हें फॉर्म हासिल करने के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मार्च में स्विस ओपन सेमीफाइनल में पहुंचे। वहीं, नवंबर 2023 में जर्मन हाइलो ओपन में जीत हासिल की। यहां उन्होंने पहली बार लोगों के साथ अपनी आपबीती साझा की थी। हाल ही में उन्होंने थाईलैंड मास्टर्स में पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू को हराकर जीत हासिल की थी।

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