Who Is Neeraj Chopra: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता है. जैवलिन थ्रो इवेंट के फाइनल में नीरज ने जबरदस्त खेल दिखाया. उनका पहला थ्रो 80.97 मीटर का रहा. वहीं उन्होंने दूसरा थ्रो 85.83 मीटर फेंका. इस कारण ही उन्हें सिल्वर मेडल मिला. श्रीलंका के एथलीट रुमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. खैर चोट से वापसी कर रहे नीरज ने भारतीय फैंस को बिल्कुल निराश नहीं किया और मेडल प्राप्त किया. 2018 में उन्होंने गोल्ड हासिल किया था.

कौन हैं नीरज चोपड़ा?

नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव में हुआ था. वो एक किसान परिवार से आते हैं. उनका खेलों से कोई संबंध नहीं था. हालांकि, आज उन्हें हर कोई जानता है. वो अब जैवलिन थ्रो के विशेषज्ञ हैं. ओलंपिक चैंपियन, विश्व चैंपियन और डायमंड लीग चैंपियन नीरज ने बता दिया है कि मेहनत करने वालों को सफलता जरूर मिलती है. ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने ये बता दिया है कि एक छोटे से गांव से निकल कर बड़ा मुकाम कैसे हासिल किया जाता है.

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मोटापे का शिकार थे नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा के पिता का नाम सतीश कुमार और माता गृहिणी सरोज देवी हैं. वो एक साधारण परिवार में पले बढ़े हैं. उनका खेल जगत से कोई खास संबंध नहीं था. वो बचपन में मोटापे का शिकार थे. इसके लिए उन्हें बहुत ताने मारे जाते थे. उनकी फैमिली ने उन्हें अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्यायाम करने के लिए प्रोत्साहित किया. 13 साल की उम्र में नीरज शिवाजी स्टेडियम में गए. वहां पर उन्होंने एथलीट्स को जैवलिन थ्रो की प्रैक्टिस करते हुए देखा. इसके बाद नीरज भी इस खेल में पूरी तरह से रम गए. उन्होंने कोच जयवीर चौधरी के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था. नीरज ने बहुत जल्द इस खेल को अपना जुनून बना लिया था.

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भारतीय सेना में हुए शामिल

नीरज चोपड़ा ने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से पढ़ाई की है. 2016 में वो भारतीय सेना में बतौर जूनियर कमीशंड ऑफिसर (नायब सूबेदार) के रूप में शामिल हुए. इसके बाद उन्होंने अपना पूरा टाइम अपने खेल करियर को समर्पित कर दिया. भारतीय सेना में जाने की वजह से ही नीरज को इंटरनेशनल स्तर पर कम्पीट करने का मौका मिला. इसका फायदा भी उन्होंने उठाया.

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नीरज चोपड़ा का शानदार करियर

  • 2016- 18 साल में नीरज चोपड़ा ने पोलैंड के ब्यडगोस्ज़ में आईएएएफ विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में 86.48 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता.
  • 2018- नीरज ने गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्थ और जकार्ता में एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता. वो इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले एथलीट बने.
  • 2020 टोक्यो ओलंपिक- अगस्त 2021 में टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने अपने पहले और अंतिम थ्रो में 87.58 मीटर का स्कोर बनाकर गोल्ड जीता. ये पूरे भारत के लिए बहुत बड़ा पल था.
  • 2022- नीरज ज्यूरिख में आयोजित डायमंड लीग फाइनल के चैंपियन बने. उनसे पहले किसी ने भी डायमंड लीग नहीं जीती थी.
  • 2023: नीरज चोपड़ा ने हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 88.17 मीटर का थ्रो फेंककर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती.
  • 2024 पेरिस ओलंपिक- नीरज ने 2024 पेरिस ओलंपिक में 89.45 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता था.

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