Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को बड़ी सफलता मिली है. शर्मिला धनखड़ ने वुमेंस के शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. शर्मिला ने 20 साल का इंतजार खत्म किया. शर्मिला अब पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड लाने वाली पहली महिला बन गई हैं. हालांकि, उनके लिए ये काम आसान नहीं रहा है. उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष किया है. आइए आपको बताते हैं कि कौन हैं शर्मिला धनखड़ जिन्होंने ग्लास्गो में भारत का नाम ऊंचा किया है.
शर्मिला धनखड़ का जन्म कहां हुआ?
शर्मिला धनखड़ हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव से आती हैं. उनका जन्म 15 अगस्त 1986 को हुआ था. उन्हें दो साल की उम्र में ही पोलियो हो गया था. उनके एक पांव में बहुत ज्यादा दिक्कत हो गई थी. शर्मिला के पिता किसान थे. गरीबी के कारण उनका इलाज सही तरीके से नहीं हो पाया. उन्हें जिंदगी की शुरुआत में ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा. शर्मिला की शादी भी कम उम्र में कर दी गई थी. हालांकि, ये चीज उनके लिए खराब साबित हुई. उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा. ससुराल वालों ने उन्हें दहेज के लिए खूब प्रताड़ित किया. 26 साल की उम्र में शर्मिला के पति ने उन्हें घर से निकाल दिया था. उनके साथ उनकी दो बेटियां भी थीं. शर्मिला को इस वजह से अपने पिता को घर आना पड़ा.
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28 की उम्र में दूसरी शादी
शर्मिला धनखड़ अपनी जिंदगी से इतना परेशान हो गई थीं कि कई बार उनके मन में जान देने का ख्याल भी आया. उन्हें लगता था कि वो परिवार के लिए बोझ बन गई हैं. इस वजह से उन्होंने कुछ अन्य काम भी किए. शर्मिला ने फैमिली संभालने के लिए आया का काम भी किया. उन्होंने 28 साल की उम्र में दूसरी शादी की. वहां से उनकी किस्मत बदल गई. उनके पति अजीत सिंह ने ही उन्हें पैरा-एथलेटिक्स में जाने का सुझाव दिया. अचानक से शर्मिला की जिंदगी में बड़ा बदलाव आ गया. अजीत सिंह के सपोर्ट से ही शर्मिला को हिम्मत आई.
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शर्मिला धनखड़ को मिली सफलता
शर्मिला धनखड़ ने 34 साल की उम्र में राव तुलाराम स्टेडियम जाकर कोच टेकचंद और देवेंद्र के अंडर शॉट पुट की प्रैक्टिस शुरू की. हालांकि, उनके लिए वहां पर भी चीजें आसान नहीं रहीं. ट्रेनिंग के लिए होने वाले खर्च के लिए उन्हें जूझना पड़ा. इस वजह से 2023 में उन्हें अपना घर बेचना पड़ा. उनके पति की तबियत भी सही नहीं थी. इसके बावजूद शर्मिला ने हार नहीं मानी. उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर कमाल कर दिया. शर्मिला ने 7.40m के थ्रो के साथ नया रिकॉर्ड कायम किया.
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में नहीं मिला मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का आयोजन बर्मिंघम में हुआ था. F57 शॉट पुट इवेंट में शर्मिला धनखड़ ने अपना डेब्यू किया. वो चौथे नंबर पर रही थीं. शर्मिला मेडल नहीं जीत पाईं और इससे उन्हें बड़ा झटका लगा. इसके बावजूद उन्होंने खुद को फिर से तैयार किया और खूब मेहनत की. उन्होंने 2025 इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल किया. इसके बाद शर्मिला ने दुबई फज्जा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीता. उन्हें इन सफलताओं के बाद ही बड़ी पहचान मिली. अब शर्मिला ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड जीतकर स्वर्णिम सफलता प्राप्त की है.
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