थर्ड अंपायर का निर्णय फाइनल
नियम के तहत मैदानी अंपायर अपने विवेक से थर्ड अंपायर से सलाह लेकर निर्णय दे सकते हैं। उदाहरण के तौर पर कैच के बारे में ऑन फील्ड और थर्ड अंपायर निर्णय ले सकते हैं, लेकिन एक बार डिसीजन देने के बाद इस पर दोबारा रिव्यू नहीं लिया जा सकता। बता दें कि कैच को लेकर सॉफ्ट सिग्नल नियम खत्म कर दिया गया है। अब कैच के मामले में थर्ड अंपायर का निर्णय ही फाइनल होता है। यानी थर्ड अंपायर ही ये तय करता है कि कैच हुआ या नहीं।वाइड और नो-बॉल के लिए प्रावधान
हालांकि इस बार आईपीएल और डब्ल्यूपीएल में सिर्फ नो बॉल और वाइड बॉल के कॉल पर डीआरएस लेने का प्रावधान रखा गया है। कैच के मामले में थर्ड अंपायर के रिव्यू और निर्णय के बाद दोबारा रिव्यू नहीं लिया जा सकता। इसलिए मैदानी अंपायर ने संजू सैमसन को डीआरएस नहीं दिया।फैंस बोले- जल्दी लिया गया फैसला
हालांकि फैंस का कहना है कि संजू सैमसन को रिव्यू दिया जाना चाहिए था। अगर रिव्यू नहीं था तो कम से उसे बार-बार चेक किया जाता। संजू के विकेट के बारे में फैसला महज एक मिनट में ले लिया गया। जबकि वाइड बॉल के रिव्यू को कम से कम 3 से 5 मिनट तक चेक किया गया। ये भी पढ़ें: DC vs RR: अंपायरिंग पर फूटा फैंस का गुस्सा, एक मैच में दो बार उठे सवालस्मार्ट रिप्ले सिस्टम लागू
आपको बता दें कि IPL के इस सीजन में स्मार्ट रिप्ले सिस्टम को लागू कर दिया गया है। इस सिस्टम के जरिए हॉक आई के आठ हाई स्पीड कैमरे मैदान पर मौजूद होते हैं। जिससे अंपायर को हर एंगल से फैसले लेने में आसानी होती है। ये भी पढ़ें: DC vs RR: राजस्थान ने छेड़ी ‘नट-बोल्ट’ की बहस, मैक्गर्क के तूफान से मिला करारा जवाब ये भी पढ़ें: DC vs RR: ध्रुव जुरेल और शिमरोन हेटमायर क्यों नहीं खेल रहे? संजू सैमसन ने बताई वजह ये भी पढ़ें: संजू सैमसन ने रचा इतिहास, बने आईपीएल में ऐसा करने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज
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