Gautam Gambhir: टी20 विश्व कप 2024 के बाद भारतीय टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस पद के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख अब समाप्त हो चुकी है। टीम इंडिया के हेड कोच को लेकर कई नामों की लगातार चर्चा हो रही है। इनमें रिकी पोंटिंग से लेकर जस्टिन लैंगर और स्टीफन फ्लेमिंग शामिल हैं।

गंभीर के नाम पर हो रही चर्चा

भारतीय टीम के हेड कोच के पद के लिए गौतम गंभीर का नाम काफी चर्चा में है। गंभीर अभी IPL फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के हेड कोच हैं। हाल ही में KKR ने IPL 2024 का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद तो सोशल मीडिया पर गंभीर को भारतीय टीम का हेड कोच बनाने की मांग उठने लगी। BCCI सचिव जय शाह भी उनसे बातचीत करते नजर आए थे। हालांकि, गंभीर को भारतीय टीम का हेड कोच क्यों होना चाहिए, 3 कारणों से समझें।

मौजूदा टेम्प्लेट को शूट करते हैं

गौतम गंभीर हमेशा प्रदर्शन को तरजीह देते हैं। वह कड़े फैसले लेने और उस पर अड़े रहने में सक्षम हैं। गंभीर की कोशिश हमेशा अच्छा रिजल्ट देने पर होती है। IPL 2024 में इसकी बानगी भी देखने को मिली। वह टीम में प्रयोग करते हैं और खिलाड़ियों को बैक भी करते हैं। IPL के पिछले 2 सीजन वह लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटॉर थे। इस दौरान LSG ने अच्छा प्रदर्शन किया था। वह टी20 से लेकर वनडे तक के मौजूदा टेम्प्लेट को शूट करते हैं।

युवाओं की फौज तैयार करने में सक्षम

IPL में गंभीर ने कई युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम किया है। LSG में उन्होंने आयुष बदोनी तो KKR में हर्षित राणा और वैभव अरोड़ा जैसे खिलाड़ियों के हुनर को पहचाना। भारतीय टीम भी अब बदलाव के दौर से गुजर रही है। सीनियर खिलाड़ी जहां संन्यास की दहलीज पर खड़े हैं तो वहीं युवा खिलाड़ी टीम इंडिया के दरवाजे खटखटा रहे हैं। इन युवाओं में रियान पराग, अभिषेक शर्मा, शशांक सिंह और नीतीश रेड्डी जैसे प्लेयर शामिल हैं।

ICC ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा

गौतम गंभीर टी20 विश्व कप 2007 और वनडे विश्व कप 2011 विनर भारतीय टीम का हिस्सा थे। दोनों ही टूर्नामेंट में गंभीर का प्रदर्शन भी शानदार था। वह बड़े मैच का प्रेशर बखूबी समझते हैं। ऐसे में गंभीर ICC ट्रॉफी के सूखे को खत्म कर सकते हैं। भारतीय टीम ने आखिरी बार 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। 11 साल से टीम ICC की कोई ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। गंभीर खिलाड़ी के बजाए टीम को तबज्जो देते हैं, ऐसे में वह भारतीय टीम को एक सूत्र में पिरो सकते हैं। ये भी पढ़ें: T20 WC 2024: कितने बजे होंगे वर्ल्ड कप के मैच, टीम इंडिया कब-कब खेलेगी? जानें पूरी डिटेल ये भी पढ़ें: T20 World Cup 2024: विराट कोहली लगाएंगे रिकॉर्ड्स की झड़ी, 1-2 नहीं रचेंगे इतने कीर्तिमान