FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में चार बार की चैंपियन जर्मनी का सफर समाप्त हो गया है. सोमवार (29 जून) को खेले गए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. निर्धारित समय और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी एक गोल से पीछे रह गई.
इस हार के साथ ही जर्मनी के दिग्गज गोलकीपर मैनुअल नोयर ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया. 40 वर्षीय नोयर पहले ही संकेत दे चुके थे कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा. इस मुकाबले में मैदान पर उतरते ही नोयर ने इतिहास रच दिया, लेकिन जाते जाते उनके नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया.
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मैनुअल नोयर के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड
इस मुकाबले में मैदान पर उतरते ही मैनुअल नोयर जर्मनी के लिए फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा मैच शुरू करने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. नोयर ने अपना 23वां वर्ल्ड कप मैच खेलते हुए लोथार मथाउस (22) और मिरोस्लाव क्लोस (22) को पीछे छोड़ दिया. हालांकि, इसी मुकाबले में उनके नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया, जिससे उनकी विदाई फीकी पड़ गई.
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नोयर अब फीफा वर्ल्ड कप में लगातार 10 मैचों में गोल खाने वाले दुनिया के दूसरे गोलकीपर बन गए. इससे पहले यह रिकॉर्ड मेक्सिको के दिग्गज गोलकीपर एंटोनियो कार्बाजाल के नाम था. दिलचस्प बात यह है कि नोयर ने आखिरी बार फीफा वर्ल्ड कप के किसी मैच में 2014 के फाइनल में क्लीन शीट रखी थी, जब जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था. इसके बाद से वर्ल्ड कप में खेले गए हर मैच में उनके खिलाफ कम से कम एक गोल जरूर हुआ.
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मैच के बाद भावुक नजर आए नोयार
मैच के बाद नोयार काफी भावुक नजर आए. उनकी इच्छा थी कि वह जीत के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत करें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. उन्होंने कहा, "कोच ने ड्रेसिंग रूम में हमसे कुछ बातें कीं. हम सभी बेहद निराश हैं. आज हमारे पास जीत हासिल करने के लिए जरूरी किस्मत और निर्णायक बढ़त नहीं थी. हमने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन उन्हें गोल में नहीं बदल सके."
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उन्होंने आगे कहा, "पेनल्टी शूटआउट से पहले अगर कुछ खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मजबूत होता तो शायद नतीजा अलग हो सकता था. हालांकि मुझे सबसे ज्यादा इस बात का दुख है कि हमें इस तरह के मुकाबले जीतने चाहिए थे."
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