England vs New Zealand 3rd Test: इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला गुरुवार, 25 जून से नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर शुरू हुआ. फिलहाल सीरीज 1-1 की बराबरी पर है. इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. वहीं, मैच के शुरू होने से पहले एक चीज ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाड़ी अपनी बांह पर काली पट्टी (ब्लैक आर्मबैंड) बांधकर मैदान पर उतरे. डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम समेत पूरी कीवी टीम को ऐसा करते देख फैंस के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर इस पीछे की वजह क्या है.
काली पट्टी बांधकर क्यों उतरे न्यूजीलैंड के खिलाड़ी?
दरअसल, न्यूजीलैंड क्रिकेट के महान खिलाड़ी बॉब ब्लेयर का 24 जून को 94वें जन्मदिन के दिन निधन हो गया. उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए न्यूजीलैंड की पूरी टीम तीसरे टेस्ट के पहले दिन काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरी. बॉब न्यूजीलैंड क्रिकेट के शुरुआती दौर के सबसे महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. वह दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित क्रिकेटरों में से एक थे. 1952 से 1964 के बीच अपने करियर में उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 19 टेस्ट मैच खेले और 43 विकेट हासिल किए. बल्लेबाजी में भी उन्होंने एक अर्धशतक लगाया था.
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कौन थे बॉब ब्लेयर?
बॉब ब्लेयर ने 6 मार्च 1953 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 21 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था. घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा. उन्होंने 59 फर्स्ट क्लास मैचों में 330 विकेट लिए और उनका गेंदबाजी औसत महज 15 का रहा. भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके आंकड़े बहुत बड़े न रहे हों, लेकिन साहस और समर्पण के कारण उनका नाम क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा. उनकी जिंदगी से जुड़ा एक भावुक किस्सा क्रिकेट इतिहास के सबसे मार्मिक पलों में गिना जाता है.
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दरअसल, 1953 में साउथ अफ्रीका दौरे के दौरान क्रिसमस की पूर्व संध्या पर हुए टांगीवाई रेल हादसे में उनकी मंगेतर नेरिसा लव की मौत हो गई थी. इस भीषण दुर्घटना में 151 लोगों की जान गई थी. इस दुख की घड़ी में हर किसी को लगा कि ब्लेयर अब मैदान पर नहीं उतरेंगे. लेकिन टेस्ट मैच के दूसरे दिन जब न्यूजीलैंड के 9 विकेट गिर चुके थे, तब 21 वर्षीय ब्लेयर अचानक बल्लेबाजी के लिए मैदान पर पहुंचे. स्टेडियम में मौजूद करीब 23 हजार दर्शक भावुक हो गए.
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दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया और कई खिलाड़ियों की आंखों में आंसू तक आ गए. यह पल आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रेरणादायक और भावुक क्षणों में गिना जाता है. इसी घटना की याद में 2024 में न्यूजीलैंड क्रिकेट और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने संयुक्त रूप से 'टांगीवाई शील्ड' की शुरुआत की थी, जो दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज के लिए दी जाती है.
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न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने जताया शोक
न्यूजीलैंड क्रिकेट के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने बॉब ब्लेयर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "बॉब ब्लेयर और टांगीवाई रेल दुर्घटना की कहानी ने न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है. 1953 में दिखाया गया उनका साहस और खेल भावना खेल की महानता का प्रतीक है." उन्होंने आगे कहा, "पूरा क्रिकेट परिवार बॉब ब्लेयर की पत्नी बारबरा, उनके बच्चों, पोते-पोतियों और सभी प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है."
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