Who is Rumesh Pathirage: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल पर कब्जा किया. वो चोट से उबरकर वापसी कर रहे थे और आते ही उनके इस प्रदर्शन ने फैंस को खुश कर दिया. कई लोगों को उम्मीद थी कि कॉमनवेल्थ गेम्स में चोपड़ा गोल्ड मेडल जीतेंगे लेकिन श्रीलंका के रमेश थरंगा पथिरागे ने उन्हें पीछे छोड़ दिया और कॉमनवेल्थ चैंपियन बन गए. उन्होंने 89.75 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल अपने नाम किया. रुमेश का सफर काफी रोचक रहा है.

कौन हैं रुमेश पथिरागे?

रुमेश पथिरागे का जन्म श्रीलंका के कालूतारा में 21 मार्च 2003 को हुआ था. बचपन से ही खेलों के प्रति रुमेश की रुचि थी, क्योंकि उनके पिता भी पूर्व डिस्कस और शॉट-पुट थ्रोअर थे. उन्हें अपने पिता से खेलों में आगे बढ़ने के लिए काफी सपोर्ट मिला और इसी वजह से आज वह भाला फेंक में दुनिया के टॉप एथलीट्स में से एक हैं.

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क्रिकेटर बनने का था सपना

रुमेश पथिरागे श्रीलंका में स्थित होराना के श्री पली नेशनल स्कूल में क्रिकेट खेला करते थे. उन्होंने क्रिकेटर बनने का मन बना लिया था और मुख्य रूप से वह एक तेज गेंदबाज थे. उन्होंने अपने कॉलेज के समय में गेंद और बल्ले से कमाल किया था. सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने एयरटेल फास्टेस्ट कंप्टीशन 2019 में हिस्सा लिया और 134 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से गेंदबाजी करके सभी को हैरान कर दिया. वह उस समय अंडर 16 क्रिकेट में श्रीलंका के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक थे.

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करियर को लेकर लिया सबसे बड़ा फैसला

क्रिकेट में बेहतर करियर की संभावना होने के बावजूद 2017 में ही रुमेश पथिरागे ने भाला फेंक को अपना फ्यूचर बनाने का फैसला किया. उन्होंने अपनी स्किल्स पर काम किया और तेज गेंदबाजी के अपने अनुभव को यहां उपयोग किया. जून 2026 में रोम डायमंड लीग में रुमेश ने 92.62 मीटर का थ्रो करके इतिहास रच दिया था. अब उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा जैसे दिग्गज एथलीट को पीछे छोड़कर गोल्ड जीता.

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