Shubham Gill: एशिया कप की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। टीम इंडिया का ऐलान जल्द ही होने वाला है। माना जा रहा है बतौर टेस्ट कप्तान इंग्लैंड में अपनी धाक जमाकर आए शुभमन गिल को भी एशिया कप की टीम में शामिल किया जा सकता है। सिर्फ टीम में जगह ही नहीं, बल्कि गिल को उपकप्तान बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। मगर क्या सच में टी-20 फॉर्मेट में गिल भारतीय टीम में फिट बैठते हैं? गिल के आंकड़े यूं तो इतने बुरे नहीं हैं, लेकिन उनकी टक्कर ऐसे बल्लेबाजों से है, जो चंद गेंदों में मैच पलट देने का दमखम रखते हैं।
कैसे बनेगी गिल की टी-20 टीम में जगह?
शुभमन गिल ने भारत की ओर से अब तक कुल 21 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 30 की औसत और 139 के स्ट्राइक रेट से 578 रन निकले हैं। टेस्ट कप्तान एक सेंचुरी और 3 फिफ्टी जमा चुके हैं। गिल का रिकॉर्ड यानी टी-20 में इतना बुरा तो नहीं है। मगर असली खेल तो स्ट्राइक रेट को लेकर है।
गिल व्हाइट बॉल क्रिकेट में ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं। मतलब वह पावरप्ले के अंदर बल्लेबाजी करते हैं। अब अगर पावरप्ले के अंदर खेलने के बावजूद स्ट्राइक रेट 140 से नीचे का रहेगा, तो चिंता की बात है।
धाकड़ बल्लेबाजों से है टक्कर
अब मगर शुभमन गिल का कॉम्पिटिशन यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों से है। यशस्वी का टी-20 में स्ट्राइक रेट 164 का है। वहीं, सैमसन भी 152 के स्ट्राइक रेट से तबाही मचाते हैं। अभिषेक शर्मा की बात तो अलग ही है। अभिषेक इस फॉर्मेट में 193 के स्ट्राइक रेट से धमाल मचाते हैं। अब अगर सिलेक्टर्स गिल को नंबर चार पर खिलाने का भी सोचते हैं, तो सूर्यकुमार और तिलक वर्मा के आगे टेस्ट कप्तान कहीं नहीं टिकते हैं। तिलक का स्ट्राइक रेट 155 का है, तो कप्तान सूर्या 167 के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों की खबर लेते हैं।
यानी कुल मिलाकर धाकड़ बल्लेबाजों की फौज के बीच में शुभमन गिल को सेट कर पाना सिलेक्टर्स के लिए कतई आसान नहीं होगा। सिलेक्टर्स अगर गिल को स्क्वॉड में रख भी लेते हैं, तो उन्हें प्लेइंग 11 में शामिल कर पाना कप्तान सूर्या और कोच गंभीर के लिए बड़ी चुनौती होगी।