Rahul Dravid On Superstar Culture: भारत के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ का मानना ​​है कि टीम गेम में भी हीरो की जरूरत होती है. द्रविड़ कहते हैं कि सुपरस्टार टैग से जुड़ी उम्मीदों की वजह से, अगर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ता है. मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर के उलट, द्रविड़ का मानना ​​है कि सुपरस्टार का लेबल अच्छी परफॉरमेंस के आधार पर ही मिलता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

'हीरो की जरूरत'

द्रविड़ ने विजडेन के ‘स्कूप’ पॉडकास्ट पर कहा, 'किसी भी खेल को अपने हीरो की जरूरत होती है, और मुझे नहीं लगता कि बिना अच्छे प्रदर्शन के कोई हीरो बन सकता है. अगर आप मैदान पर अच्छी परफॉर्मेंस नहीं करते हैं, तो आप पूरे देश का ध्यान अपनी ओर नहीं खींच सकते- खासकर भारत में, जहां आपको अपने काम के लिए बहुत तारीफ मिलती है, लेकिन साथ ही बहुत आलोचना भी झेलनी पड़ती है. आप पर हर समय कड़ी नजर रखी जाती है और लगातार आप पर ही सबका फोकस रहता है. इसलिए, भारत में एक लेजेंड या सुपरस्टार बनने का मतलब है कि आपने बहुत सी चीजें सही की हैं, और इस प्रॉसेस में, आपने अपनी टीम को जीतने में भी मदद की है.'

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गंभीर के जुदा ख्यालात

गौतम गंभीर ने अक्सर ‘टीम फर्स्ट’ वाले एटीट्यूड पर जोर दिया है. प्रेस से बातचीत के दौरान, उन्होंने अक्सर किसी एक खिलाड़ी की तारीफ करने से खुद को दूर रखा है और दूसरों पर फोकस करने की कोशिश की है. उनका ये भी कहना है कि उनकी टीम में पर्सनल माइलस्टोन की कोई खास अहमियत नहीं होती.

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दिग्गजों के रिटायरमेंट पर बोले द्रविड़

द्रविड़ से टीम इंडिया की मौजूदा रेड-बॉल टीम के बारे में भी पूछा गया, जो मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल की रेस के बीच में है. इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के रिटायरमेंट का असर पड़ा है, क्योंकि इस काबिलियत के खिलाड़ियों की जगह लेना आसान नहीं होता. उन्हें उम्मीद है कि भारत हालात बदलने में कामयाब होगा और अपने तीसरे डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लेगा.

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'बदलेंगे टेस्ट के हालात'

राहुल द्रविड़ ने आगे कहा, 'रेड-बॉल क्रिकेट में अच्छा करने का जुनून निश्चित तौर पर मौजूद है. हमने कुछ सीरीज खेली हैं जिनमें हमने एक भारतीय टीम के तौर पर उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, और ऐसा हो सकता है. हम कुछ अहम खिलाड़ियों को भी मिस कर रहे हैं, जिनमें से कुछ बड़े नाम हाल ही में रिटायर हुए हैं- रोहित, विराट और अश्विन- और ऐसे खिलाड़ियों की जगह लेना आसान नहीं होता. लेकिन भारतीय क्रिकेट अभी भी बहुत मजबूत है. मुझे अब भी यकीन है कि भारतीय टीम जिस भी फॉर्मेट में खेलेगी, उसमें वो जोरदार टक्कर देगी. इसमें थोड़ा वक्च लग सकता है, लेकिन उम्मीद है कि इस सीजन में हम हालात बदलने में कामयाब होंगे.'

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