India Womens win world cup 2025 Inside story: महिला वर्ल्डकप फाइनल में भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत कौर के एक मास्टरस्ट्रोक का अहम रोल था. शुरुआत से जबरदस्त बैटिंग एवरेज लेकर चलीं टीम इंडिया 300 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाईं. उसके बाद टीम इंडिया ने दो विकेट तो आसानी से निकाल दिए थे, लेकिन 19 ओवर के बाद साउथ अफ्रीका के स्कोर बोर्ड पर 109 रन लग गए हैं. लौरा वोल्वार्ट 60 पर पहुंच गई हैं और टीम इंडिया की बॉलर्स के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई थीं, इसी बीच हरमनप्रीत ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए गेंद शेफाली वर्मा को थमा दी. शेफाली रेगुलर बॉलर नहीं थी. इतने अहम मुकाबले में बड़ा रिस्क लेकर हरमनप्रीत ने शेफाली को गेंद दी थी. शेफाली वर्मा ने पहले ही ओवर में सुने लुस को पवेलियन की राह दिखा दी.
विकेट को तरस रही भारतीय टीम गदगद हो गई. अगले ही ओवर में शेफाली ने एक और बल्लेबाज को आउट कर मैच का पासा ही पलट दिया. दो विकेट एक साथ जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी संभल नहीं पाई. 29 ओवर के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 4 विकेट खोकर केवल 146 रन पर पहुंच पाया था.
शेफाली वर्मा ने पहले दिखाई थी ताबड़तोड़ बैटिंग
गेंदबाजी से पहले शेफाली वर्मा ने 78 गेंदों में 111.54 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 87 रनों की शानदार पारी खेली. जिसमें 7 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के भी जड़े. स्मृति मंधाना ने शेफाली का साथ देते हुए 45 रनों का पारी खेली. 104 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप ने भारत के 298 रन के टोटल में अहम रोल था. सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल की इंजरी के बाद शेफाली वर्मा को टीम में मौका मिला था. सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शेफाली नहीं चल पाई तो फाइनल मुकाबले में उनपर प्रदर्शन करने का भी दवाब था. उनके चयन पर ही कुछ फैंस ने सवाल उठाए थे. फाइनल में शेफाली ने सभी का जवाब दे दिया.