IND-W vs SA-W: ‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है.’ यह हौसला ही तो था, जिसने कई बार ट्रॉफी उठाने का सपना चकनाचूर होने के बावजूद वो जज्बा बनाए रखा. यह वो सपना था, जो सिर्फ भारत की इन 11 बेटियों ने नहीं, बल्कि पूरे देश ने देखा था. कई बार दिल टूटे, लेकिन मन में एक विश्वास था कि यह सालों का इंतजार खत्म जरूर होगा.
52 साल का सूखा जब डीवाई पाटिल स्टेडियम पर खत्म हुआ, तो इमोशन्स बाहर आ गए. हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को फाइनल मैच में हराते हुए पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का तमगा हासिल कर दिया. चैंपियन बनते ही किसी की आंख से आंसू छलक पड़े, तो कोई मैदान पर ही झूमने लगा. झूमे भी क्यों ना, क्योंकि 2 नवंबर 2025 की तारीख महिला क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गई है.
जश्न में डूबी टीम इंडिया
दीप्ति शर्मा ने जैसे ही साउथ अफ्रीका का आखिरी विकेट चटकाया वैसे ही मैदान पर जश्न शुरू हो गया. वर्ल्ड चैंपियन बनने के साथ ही कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हवा में छलांग लगाई, लेकिन थोड़ी ही देर में उनकी आंखें भर आईं. हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना एक-दूसरे से गले लगकर रोती हुई दिखाईं दी और इन दोनों को ही राधा यादव ने तिरंगे में लपेट लिया.
मैच में पांच विकेट लेने वालीं दीप्ति शर्मा को बाकी प्लेयर्स ने गले से लगाया, तो जेमिमा रोड्रिग्स मैदान पर झूमती हुई दिखाई दीं. प्रतिका रावल व्हीलचेयर के साथ ही इस जश्न में शामिल होने ग्राउंड पर पहुंचीं. टीम इंडिया के पहली बार ट्रॉफी उठाते ही पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और हर कोई इस ऐतिहासिक लम्हे को कैमरे में कैद करता हुआ नजर आया.
फाइनल में साउथ अफ्रीका को चटाई धूल
टीम इंडिया ने फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने स्कोर बोर्ड पर 7 विकेट खोकर 298 रन स्कोर बोर्ड पर लगाए. टीम की ओर से शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 78 गेंदों पर 87 रनों की धांसू पारी खेली. वहीं, दीप्ति शर्मा ने 58 रन जड़े, तो स्मृति मंधाना ने 45 रन ठोके. 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 246 रन बनाकर ढेर हो गई.
लौरा वोल्वार्ट ने 101 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन वह टीम की नैया को पार नहीं लगा सकीं. बल्ले से धमाल मचाने के साथ-साथ शेफाली वर्मा और दीप्ति ने गेंद से कहर बरपाया. शेफाली ने 2 अहम विकेट झटके, तो दीप्ति ने 5 विकेट अपने नाम किए.