IND vs PAK: भारतीय टीम ने सीरीज खेलने के लिए आखिरी बार पाकिस्तान का दौरा 2006 में किया था. उससे पहले 2004 का दौरा टीम इंडिया के लिए बहुत ही अहम था. लंबे समय के बाद भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर जा रही थी. ऐसे में सभी की नजरें टीम पर टिकी हुई थी. हालांकि इस दौरे पर भारतीय टीम ने कराची में टेस्ट मैच नहीं खेला था. जिसके पीछे का कारण अब 22 सालों के बाद सामने आया है. उस दौरे के दौरान टीम इंडिया पर आतंकी हमला होने का खतरा मंडरा रहा था.
टीम इंडिया पर हो सकता था अटैक
भारतीय क्रिकेट टीम लंबे इंतजार के बाद 2004 में पाकिस्तान के दौरे पर गई थी. जहां पर उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ चाहते थे कि कराची में भी एक टेस्ट मैच खेला जाए. हालांकि उसके बदले टीम इंडिया ने मुल्तान, रावलपिंडी और लाहौर में टेस्ट मैच खेला था. जिसके पीछे का कारण अब पूर्व खुफिया और सुरक्षा अधिकारी रहे यशोवर्धन आजाद ने अपनी किताब में किया है.
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अपनी किताब ‘पुलिसिंग द रिपब्लिक: एन इनसाइड व्यू ऑफ हाउ इंडिया फाइट्स करप्शन एंड क्राइम, एंड प्रोटेक्ट्स राइट्स’ में यशोवर्धन आजाद ने बताया कि उस दौरान कराची और पेशावर में टीम सुरक्षित नहीं थी. जिसके कारण ही उन्होंने तत्कालीन उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और आईबी को कराची में मैच नहीं कराने की सलाह दी थी.
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लालकृष्ण आडवाणी ने लिया था बड़ा फैसला
यशोवर्धन आजाद ने अपनी किताब ने बताया कि उनसे लालकृष्ण आडवाणी ने पूछा कि ‘यशोवर्धन जी, कराची में क्या हम टेस्ट मैच नहीं करा सकते हैं?’ जिसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान मामलों के संयुक्त सचिव और अपने बचपन के दोस्त अरुण सिंह से इसके बारे में पूछा था. अरुण सिंह के साथ अपनी बातचीत के बारे में यशोवर्धन आजाद ने बताया, ‘मैंने पूछा कि यह सवाल सीधे उपप्रधानमंत्री की ओर से क्यों आया. अरुण सिंह ने बताया कि यह मुशर्रफ का अनुरोध था, जिसे तत्कालीन विदेश मंत्री के माध्यम से भारत तक पहुंचाया गया था.’ हालांकि अंत में लालकृष्ण आडवाणी ने सुरक्षा अधिकारी की बात मानी और कराची में टेस्ट मैच नहीं होने दिया.
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