BCCI CoE Fitness Programme: टीम इंडिया पिछले कुछ समय से चोटों से काफी परेशान है. हर सीरीज में कोई न कोई खिलाड़ी चोटिल होने के कारण बाहर हो जाता है, जिससे टीम कॉम्बिनेशन खराब होता है. इंग्लैंड दौरे पर भी खिलाड़ियों की चोट ने टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ाई. फैंस के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि खिलाड़ी लगातार चोटिल कैसे हो रहे हैं. BCCI ने अब बहानेबाजी खत्म करने और फिटनेस प्रोग्राम को लेकर नए नियम लाने का मन बना लिया है.
फिटनेस टेस्ट के नियमों में होगा बदलाव!
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस प्रोग्राम से BCCI खुश नहीं है. पहले भारतीय टीम योयो टेस्ट करती थी लेकिन बाद में मैनेजमेंट ब्रॉन्को टेस्ट पर शिफ्ट हो गई. इंग्लैंड सीरीज के बाद अब ब्रॉन्को टेस्ट का मापदंड BCCI ने 5.15-5.20 मिनट रखा है. इससे पहले BCCI ने यो-यो टेस्ट के लिए 16.5 मिनट समय तय किया था. इसके अलावा 2 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के लिए समय 9–10 मिनट रखा गया है.
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BCCI के एक सोर्स ने कहा, 'भारतीय खिलाड़ियों को ब्रॉन्को टेस्ट की आदत नहीं है. पिछले एक साल में CoE के मापदंड अलग रहे हैं. अब पता चल रहा है कि सीनियर खिलाड़ियों को टेस्ट पास करने के लिए आसान लक्ष्य दिया जा रहा है. CoE स्टाफ हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को टीम मैनेजमेंट की जरूरतों के हिसाब से फिट घोषित कर देता है.' रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि टीम इंडिया के फिजियो कमलेश जैन से BCCI ने खिलाड़ियों के फिटनेस स्टैंडर्ड में गिरावट को लेकर सवाल किए हैं.
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मैनेजमेंट खुश नहीं है कि इंग्लैंड के मौसम में भी खिलाड़ियों को क्रैंप आ रहे थे. BCCI ने साफ कर दिया है कि किसी भी खिलाड़ी के ओहदे के हिसाब से फिटनेस टेस्ट नहीं बदला जाएगा. इसके अलावा भी BCCI अपने फिटनेस प्रोग्राम में कुछ बड़े बदलाव करते हुए नजर आ सकती है. नए नियमों से अब टीम इंडिया में खिलाड़ियों का कमबैक आसान नहीं होगा. वह पूरी तरह फिट हुए बिना वापसी नहीं कर पाएंगे.
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