Cricket के खेल में अंपायर की भूमिका पर ही पूरा मैच निर्भर हुआ करता है। अंपायर का फैसला कई बार मैच के नतीजों को पूरी तरह से बदल दिया करता है। कई बार अंपायर के गलत निर्णय पर सवाल खड़े होते हैं। लेकिन काउंटी चैंपियनशिप क्रिकेट में एक अलग तरह का नजारा देखने को मिला। जहां बल्लेबाज को क्लीन बोल्ड होने के बावजूद अंपायर ने नॉट आउट करार दिया। अंपायर के इस फैसले की आलोचना करने के बजाय लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ आइए इस रिपोर्ट में हम आपको बताते हैं।
क्या हुई थी घटना
काउंटी चैंपियनशिप में हैम्पशायर और समरसेट के बीच मैच खेला जा रहा था। इस मैच में समरसेट के 9 विकेट गिर चुके थे। क्रीज पर इंग्लैंड के युवा स्पिनर शोएब बशीर आखिरी विकेट के रूप में बल्लेबाजी करने उतरे थे। इस बीच हैम्पशायर के गेंदबाज काइल एबॉट ने पहली ही गेंद पर शोएब बशीर को क्लीन बोल्ड कर दिया। गेंदबाज समेत हैम्पशायर के सभी खिलाड़ी जश्न मनाने लगे, लेकिन शोएब भशीर ने अपनी क्रीज नहीं छोड़ी। अंपायर ने भी उन्हें आउट नहीं दिया, जिसके बाद हैम्पशायर के खिलाड़ी दंग रह गए।
क्यों नहीं दिया अंपायर ने आउट
दरअसल शोएब बशीर के बोल्ड होने के बाद जब हैम्पशायर के खिलाड़ी जश्न मनाने लगे उसी बीच शोएब ने अंपायर की ओर इशारा किया। अंपायर ने गेंदबाज से कहा कि गेंद फेंकने के दौरान उनका तौलिया गिर गया था, जिससे बल्लेबाज का ध्यान भंग हो गया था। ऐसे में ये गेंद वैलिड नहीं होगी। अंपायर ने फौरन ही डेड बॉल घोषित कर दिया। इसके बाद शोएब बशीर फिर से मैच खेलते हुए नजर आए। यहां देखिए वीडियो –
क्या होता है नियम
क्रिकेट के नियम बनाने वाले मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के रूलबुक की बात की जाए तो नियम संख्या 20.4.2.6 के अनुसार, अगर स्ट्राइक पर खड़ा बल्लेबाज गेंद का सामना करने के दौरान किसी आवाज या किसी ऐसी हरकत का सामना करता है, जिससे उसका ध्यान भंग होता है तो अंपायर उस गेंद को डेड बॉल करार दे सकता है। इस मैच में अंपायर ने क्रिकेट के इसी नियम के तहत बल्लेबाज को नॉट ऑउट करार देते हुए डेड बॉल घोषित कर दी। इससे अंपायर की सराहना की जा रही है।