Ajinkya Rahane: भारत के पूर्व टेस्ट उपकप्तान और अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था. रिटायरमेंट के बाद रहाणे ने टीम इंडिया मैनेजमेंट और सीनियर खिलाड़ियों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसने नई बहस छेड़ दी है. पिछले कुछ समय में भारत को घरेलू मैदान पर भी टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी है.
टीम की हार से रहाणे दुखी है और उनका मानना है कि सिर्फ युवा खिलाड़ियों को मौका देने से टेस्ट क्रिकेट में सफलता नहीं मिलेगी. उन्होंने टेस्ट टीम में ज्यादा सीनियर खिलाड़ियों को रखने और उन्हें सम्मान देने की सलाह दी है.
'टीम को घर पर भी हारते देख'
अजिंक्य रहाणे ने 'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में भारतीय टीम के टेस्ट क्रिकेट में भविष्य को लेकर खुलकर बात की है. उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता के लिए सीनियर खिलाड़ियों को टीम में रखना और उनका सम्मान करना बेहद जरूरी है. रहाणे ने कहा, "मैं पिछले दो साल से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहा हूं. घर बैठकर मैंने भारतीय टीम को घरेलू मैदान पर भी टेस्ट मैच हारते देखा है. मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में दमदार खिलाड़ी होना चाहिए. ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना होगा, जो मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए डटकर खेलें."
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उन्होंने आगे कहा, "आजकल कई टीमें किसी मुश्किल सेशन में डटकर खेलते नहीं दिखाई देती. मैं किसी टीम का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन मैं खिलाड़ियों को मुश्किल सेशन डटकर मुकाबला करते देखना चाहता हूं. मैं उनके (गौतम गंभीर) साथ खेला हूं. जब वह कोच थे तब मैं KKR के साथ नहीं था. जब वह कोच थे तब मैं उनके अंडर कभी नहीं खेला. जब हम इंग्लैंड आए थे और भारत में भी तब हम साथ खेले थे. लेकिन मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट सेशन दर सेशन खेलने के बारे में है. आप मुश्किल हालात का सब्र के साथ सामना करें.''
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'टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर डर लगता है'
रहाणे ने कहा कि, "सच कहूं तो, मुझे टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर डर लगता है. हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट जिंदा रहे, खासकर भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में यह आगे बढ़ती रहें. पिछले 2-3 साल में मैंने जो देखा है, उससे लगता है कि सीनियर खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखना और उनका सम्मान करना बेहद जरूरी है. खासतौर पर भारत में सभी सीनियर खिलाड़ी एक साथ टीम से बाहर हो रहे हैं, जिससे दिक्कत हुई. यह एक बड़ा मुद्दा है."
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उन्होंने कहा, ''टेस्ट क्रिकेट के फैंस ही असली क्रिकेट प्रेमी होते हैं. पिछले दो सालों में टेस्ट क्रिकेट में कई नए खिलाड़ी आए हैं. लेकिन मेरा मानना है कि टेस्ट टीम को 7-8 सीनियर खिलाड़ी और 2-3 युवा खिलाड़ी का संतुलन होना जरूरी है. अब हम जो देख रहे हैं, लगभग सभी खिलाड़ी नए हैं. टीम में शुश्किल से कोई सीनियर क्रिकेटर बचा है. टेस्ट क्रिकेट को सीनियर खिलाड़ियों की जरूरत है."
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क्या टीम इंडिया में सब कुछ ठीक नहीं?
रहाणे का यह बयान कई सवाल खड़े कर रही है. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को कई लोग हेड कोच गौतम गंभीर से जोड़ रहे हैं. उनके बयान से साफ संकेत मिलता है कि टीम इंडिया में पिछले कुछ सालों में सीनियर खिलाड़ियों के साथ चीजें पूरी तरह सही नहीं रहीं और इसी कारण भारत के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है.
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दरअसल, इसी साल छह महीने के अंदर रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था. अब रहाणे भी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं. इतने अनुभवी खिलाड़ियों का लगभग एक साथ टीम से अलग होना भारतीय टेस्ट टीम के लिए बड़ा खालीपन पैदा कर रहा है. इसी को देखते हुए रहाणे ने युवा खिलाड़ियों की तुलना में ज्यादा सीनियर क्रिकेटरों को अहमियत देने पर जोर दिया है.