चांद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. अंतरिक्ष में भटक रहा स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट का एक हिस्सा बुधवार को दोपहर 12:05 बजे चांद से टकराने वाला है. इस टक्कर के समय रॉकेट के टुकड़े की रफ्तार करीब 8700 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. वैज्ञानिकों के अनुसार यह जोरदार टक्कर पृथ्वी से सीधे आंखों से दिखाई नहीं देगी. हालांकि टेलिस्कोप की मदद से चांद की सतह से उठने वाला धूल का गुबार देखा जा सकता है. यह गुबार करीब 50 किलोमीटर तक ऊपर उठ सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस घटना से अंतरिक्ष विज्ञान को समझने में काफी मदद मिलेगी.
2025 में लॉन्च हुए मिशन का हिस्सा था यह रॉकेट
स्वतंत्र खगोलशास्त्री बिल ग्रे के मुताबिक यह रॉकेट जनवरी 2025 में अमेरिका और जापान के एक संयुक्त चंद्र मिशन के तहत लॉन्च किया गया था. वैज्ञानिकों ने रॉकेट के इस भटके हुए हिस्से को 2025-010डी नाम दिया है. फाल्कन-9 के मुख्य हिस्सों को तो दोबारा इस्तेमाल के लिए धरती पर वापस ले आया जाता है, लेकिन ऊपरी हिस्से अंतरिक्ष में ही छूट जाते हैं. यह मलबा लगभग चार हजार किलोग्राम वजनी और करीब पांच मंजिला इमारत जितना बड़ा है. अब यह भटकता हुआ हिस्सा चांद के आइंस्टीन क्रेटर के पास टकराने जा रहा है.
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टक्कर से चांद पर बनेगा 17 मीटर बड़ा गड्ढा
खगोलशास्त्री बिल ग्रे ने सबसे पहले इस घटना की जानकारी दी थी. उनके अनुसार इस भीषण टक्कर से चांद की सतह पर करीब 17 मीटर चौड़ा एक नया गड्ढा बन जाएगा. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना से चांद को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचेगा. उल्टा इससे वैज्ञानिकों को चांद की सतह और अंतरिक्ष में होने वाले टकरावों के असर का अध्ययन करने का शानदार मौका मिलेगा. इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों को डिजाइन करने में किया जाएगा. यह घटना अंतरिक्ष में जमा हो रहे कचरे के प्रति भी दुनिया का ध्यान खींचती है.
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