Vidur Niti: यदि आपमें हैं ये 3 आदतें, तो बर्बादी है निश्चित, पत्नी और दोस्त भी नहीं देते साथ

Vidur Niti: महात्मा विदुर ने बताया है कि कुछ आदतें इंसान को बर्बादी की ओर ले जाती हैं और रिश्तों में दूरी बढ़ाती हैं. आइए जानते हैं, किन 3 आदतों और स्वभाव के लिए पत्नी और दोस्त भी साथ नहीं देते हैं?

Vidur-Niti

Vidur Niti: महाभारत के सबसे बड़े विद्वान थे महात्मा विदुर. वे महर्षि वेदव्यास के पुत्र और महाराज धृतराष्ट्र के सौतेले भाई थे. नीति और धर्म के प्रति उनकी निष्पक्षता देखकर स्वयं भीष्म और कृष्ण भी उनका सम्मान करते थे. विदुर को ‘धर्मराज’ का अवतार माना जाता था. उन्होंने कभी किसी अन्याय का साथ नहीं दिया. उनकी सलाह को अनदेखा करके ही धृतराष्ट्र ने अपने सौ पुत्रों को खो दिया. विदुर नीति आज भी उतनी ही प्रासंगिक है. विदुर जी ने संसार को सिखाया कि खुद को बचाना है तो अपने दुर्गुणों को पहचानो. उनकी बताई तीन आदतें सबसे घातक हैं. यह हर उस इंसान के लिए आईना है जो खुद को बर्बाद होते देख रहा है.

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क्रोध: जो अपना ही घर जला डालती है

विदुर के अनुसार क्रोध विनाश का मूल है. क्रोध में इंसान अपना विवेक खो देता है. वह ऐसे शब्द बोलता है, ऐसे फैसले लेता है, जिनकी भरपाई कभी नहीं होती. क्रोधी आदमी से उसकी पत्नी भी दूर भागने लगती है. कोई दोस्त उसके पास टिक नहीं सकता क्योंकि हर वक्त गुस्सा ही गुस्सा रहता है.

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लोभ: जिससे कभी नहीं भरता पेट

लोभ का कोई अंत नहीं. लोभी आदमी के पास सब कुछ होने के बाद भी उसे कुछ नहीं मिलता. वह दूसरों का हक मारता है, रिश्तों की इज्जत नहीं करता. ऐसे व्यक्ति को उसके अपने दोस्त भी छोड़ देते हैं, क्योंकि हर कोई समझ जाता है कि इसके साथ रहना मतलब अपना नुकसान करना है.

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अभिमान: जो बना देता है अकेला

अभिमानी को लगता है कि पूरी दुनिया उसके पैर पूजे. वह किसी की नहीं सुनता, सबको छोटा समझता है. विदुर कहते हैं कि अभिमान के कारण ही दुर्योधन का पतन हुआ. अभिमानी आदमी को उसकी पत्नी भी साथ नहीं देती क्योंकि वहां सिर्फ ‘मैं’ और ‘मैं’ ही बोलता है.

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पत्नी और दोस्त भी नहीं देते साथ

यह तीनों आदतें ऐसी हैं कि एक को दूसरा खिलाता है. क्रोध से घर में कलह, लोभ से धन और रिश्तों की लूट, अभिमान से अकेलापन. जिस व्यक्ति में ये तीनों हों, उसे उसका साथी, उसकी पत्नी, उसके मित्र, सब छोड़ देते हैं. विदुर कहते हैं कि ऐसा आदमी महल में रहे तो भी वीराने से कम नहीं है.

विदुर नीति हमें याद दिलाती है कि हमारी आदतें ही हमारा भाग्य तय करती हैं. यदि हम क्रोध, लोभ और अभिमान जैसी विनाशकारी आदतों से बचेंगे, तो हम न केवल विनाश से बचेंगे, बल्कि सफलता और समृद्धि भी प्राप्त करेंगे.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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