Chandra Grahan 2026: प्रेमानंद महाराज एक आध्यात्मिक गुरु व संत हैं, जो राधा रानी के प्रेमपूर्ण उपदेशों के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं. प्रवचन देने के साथ-साथ महाराज जी (premanand maharaj ekantik vartalap) एकांतिक वार्तालाप भी करते हैं, जिस दौरान वो भक्तों से बातचीत करते हैं और उनके मन में उत्पन्न सवालों का जवाब देते हैं.
एकांतिक वार्तालाप के दौरान ही एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए, जिससे हम उसके शुभ प्रभाव से बचे रहें? साथ ही ग्रहण के दौरान व उससे पहले और बाद के समय में करने वाले उपायों के बारे में पूछा. चलिए जानते हैं प्रेमानंद महाराज ने इस विषय पर क्या कहा.
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चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि चंद्र ग्रहण के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक रूप से भगवान का स्मरण करना चाहिए. इस दौरान आप देवी-देवताओं के नाम का जाप, गायत्री मंत्र या गुरु मंत्र का जप कर सकते हैं.
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इसी के आगे प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि चंद्र ग्रहण के समय के अलावा उससे एक घंटे पहले स्नान करके शुद्ध कपड़े पहनकर किसी पवित्र स्थान पर जाप करने के लिए बैठ जाना चाहिए. वहीं, जब चंद्र ग्रहण पूर्ण (खत्म) हो जाए तो उस समय से करीब आधे घंटे तक नाम जाप करें. नाम जाप के बाद एक बार और स्नान करें, जिसके बाद आप अपनी दिनचर्या को फॉलो कर सकते हैं. इससे आप ग्रहण के प्रभाव से बचे रहेंगे.
3 मार्च 2026 को लग रहा है चंद्र ग्रहण
बता दें कि साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण (chandra grahan 2026 in india date and time) 3 मार्च को होलिका दहन के दिन सिंह राशि में लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार, 3 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसका सूतक काल (chandra grahan 2026 sutak time in india) सुबह 09 बजकर 39 मिनट से शाम 06 बजकर 46 मिनट तक रहेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.