Swapna Shastra: 6 महीने के भीतर सच हो जाते हैं इस समय देखे सपने, जानिए स्वप्न शास्त्र के सिद्धांत

Swapna Shastra: स्वप्न शास्त्र में सपनों को भविष्य के संकेत माना गया है. मान्यता है कि रात के एक विशेष समय में देखे गए सपने 6 महीने के भीतर सच हो सकते हैं. वहीं कुछ सपने 10 से 15 दिनों में भी फलित होने लगते हैं. आइए जानते हैं, किस समय देखे गए सपने कितनी अवधि में सच हो जाते हैं?

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Swapna Shastra: भारतीय स्वप्न शास्त्र ज्योतिष शास्त्र का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें सपनों के आधार पर शकुन-अपशकुन और भविष्यवाणियां की जाती हैं. ग्रंथों में इसे भविष्य का संकेत, मन की स्थिति और कर्मों का दर्पण बताया गया है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, एक खास समय में देखे गए सपने जल्द ही साकार हो जाते हैं. कुछ सपने तो 6 महीने के भीतर सच हो सकते हैं. केवल इतना ही एक समय विशेष में देखे गए सपने 10 से 15 दिन में ही सच में फलित हो जाते हैं.

किस समय का सपना होता है सच?

स्वप्न शास्त्र के अनुसार, देखे गए सपनों में कुछ का फल जरूर मिलता है, जबकि कुछ फलित नहीं भी होते है. सपनों के साकार होने अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि वे रात के किस प्रहर यानी समय में देखे गए हैं. आपको बता दें कि स्वप्न शास्त्र रात के चार प्रहर को अलग-अलग रूप में महत्व देता है:

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पहला प्रहर

रात का पहला प्रहर प्रायः रात के 9 बजे तक माना गया है. इसे समय देखे गए सपने लगभग नहीं के बराबर सच होते हैं, लेकिन जिन पर ईश्वर कृपा उसके लिए कोई बात नहीं है. प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री कौशिक जी महाराज अपने एक उपदेश में बताते हैं कि प्रभु कृपा से इन सपनों का फल एक साल के भीतर मिल सकता है.

दूसरा प्रहर

भारतीय समय शास्त्र में रात का दूसरा प्रहर 9 से 12 रात तक का माना गया है. इस समय देखे सपने भी रात के पहले प्रहर की तरह 1 वर्ष में फलित हो सकते हैं. लेकिन आचार्य श्री कौशिक जी महाराज के अनुसार, कुछ शुभ सपने 9 महीने के भीतर सच हो सकते हैं.

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तीसरा प्रहर

रात में मध्य रात्रि के बाद रात का तीसरा प्रहर आरंभ होता है, जो 3 बजे तक की समय सीमा में बांधा गया है. कहते हैं, यह गहन निद्रा का काल होता है. इस समय प्रायः सपने कम आते हैं और जो आते भी उनमें अधिकांश याद भी नहीं रहते हैं. जो सपने सही देखे गए होते हैं, वे 9 महीने के भीतर सच हो सकते हैं.

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चौथा प्रहर

रात का चौथा प्रहर सपनों के सच होने के लिए गोल्डन टाइम कहा गया है. बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि भोर के सपने सच होते हैं. भोर का समय इसी समय में शामिल है, जो रात के 3 बजे से सुबह के 6 तक माना गया है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, इस समय मन शांत और अवचेतन अवस्था में होता है, जो भविष्य के संकेतों को ग्रहण करने में सक्षम होता है. ऐसे सपने 6 महीने के भीतर सच हो सकते हैं.

सूर्योदय से ठीक पहले का सपना

लेकिन आचार्य श्री कौशिक जी महाराज बताते हैं कि यह एक पवित्र समय हैं. इस समय के सपने 15 दिन के भीतर सच हो जाते हैं. वहीं सुबह में सूर्योदय के ठीक पहले जागने के सपने 10 दिनों में भी हकीकत बन सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी स्वप्न शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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