Shardiya Navratri 2026: आज 13 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार को आश्विन माह की तृतीया तिथि है. आज शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन है. नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए समर्पित होता है. आपको आज मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए. मां चंद्रघंटा की पूजा करने से शारीरिक और मानसकि कष्टों से मुक्ति मिलती है. मां का स्वरूप बेहद निराला है. मां चंद्रघंटा का स्वरूप दस भुजाओं वाला है. वह हाथ में त्रिशूल, गदा, धनुष, बाण, तलवार, कमल, घंटा, रुद्राक्ष माला और कमंडल धारण किए हैं. माता के मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित है.
मां चंद्रघंटा की पूजा विधि (Maa Chandraghanta Puja Vidhi)
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करने का विधान है. सुबह उठने के बाद स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर मां चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें. मां चंद्रघंटा को लाल और पीले फूल अर्पित करें. आप रोली और अक्षत से तिलक करें. देवी मां की प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं. फल और मिठाई का भोग लगाएं. मां चंद्रघंटा को भोग लगाने के साथ ही पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करें. पूजा संपन्न होने के बाद अंत में मां चंद्रघंटा की आरती करें.
मां चंद्रघंटा पूजा मंत्र
मंत्र – ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
गायत्री मंत्र – या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।
स्तुति – पिंडज प्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं, चंद्रघंटेति विश्रुता।।
मां चंद्रघंटा की आरती (Maa Chandraghanta Ki Aarti)
जय माँ चन्द्रघण्टा सुख धाम।पूर्ण कीजो मेरे काम॥
चन्द्र समाज तू शीतल दाती।चन्द्र तेज किरणों में समाती॥
मन की मालक मन भाती हो।चन्द्रघण्टा तुम वर दाती हो॥
सुन्दर भाव को लाने वाली।हर संकट में बचाने वाली॥
हर बुधवार जो तुझे ध्याये।श्रद्धा सहित जो विनय सुनाये॥
मूर्ति चन्द्र आकार बनाये।सन्मुख घी की ज्योत जलाये॥
शीश झुका कहे मन की बाता।पूर्ण आस करो जगत दाता॥
कांचीपुर स्थान तुम्हारा।कर्नाटिका में मान तुम्हारा॥
नाम तेरा रटू महारानी।भक्त की रक्षा करो भवानी॥
मां चंद्रघंटा प्रिय भोग
आपको मां चंद्रघंटा का आशीर्वाद पाने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए मिठाइयों और फलों का भोग लगाना चाहिए. भक्त दूध से बनी मिठाइयों और शहद की खीर का भोग लगा सकते हैं. मखाने की खीर का मां चंद्रघंटा को भोग लगाना शुभ होता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.