शनिदेव बना देंगे कंगाल, भूल से भी न करें कभी ये 5 काम, जानिए उपाय

Shani Rituals: कहते हैं, शनिदेव के कर्मफल न्याय से देवता भी नहीं बच सकते हैं, तो मनुष्यों की बिसात ही क्या है? आइए जानते हैं, वे कौन-से काम हैं, जिससे वे कुपित हो जाते हैं और अपना शनि चक्र आरंभ कर देते हैं।

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Shani Rituals: अच्छे काम का अच्छा और बुरे काम का बुरा परिणाम देने के अधिकारी केवल शनिदेव हैं। इसलिए ज्योतिष शास्त्र में उन्हें ‘कर्मफलदाता’ माना गया है। मान्यता है कि अच्छे और सात्विक काम करने वाले व्यक्तियों पर उनकी विशेष मेहरबानी होती है। वहीं, वे झूठे, लालची, लम्पट, दुष्ट और अत्याचारियों को किसी भी सूरत नहीं बख्शते हैं। जिस पर वे अपनी कृपा बरसाते हैं, वह व्यक्ति रंक से राजा बन जाता है। वहीं, जिस पर उनकी कुपित दृष्टि पड़ती है, उस आदमी की जिंदगी ताश पत्ते के ढेर की तरह भरभरा जाती है, उसे करोड़पति से कंगाल होते देर नहीं लगती है। आइए जानते हैं कि कौन-सा काम करने से शनिदेव नाराज होते हैं और क्रोधित होकर अपना शनि चक्र शुरू कर देते हैं।

शनिदेव कब होते है क्रोधित

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, जब व्यक्ति अन्याय और अनीतिपूर्ण काम करता है, तब शनिदेव क्रोधित हो जाते हैं और अपना चक्र प्रारंभ कर देते हैं। किसी पराई स्त्री पर नजर रखना, सूदखोरी का काम करना, शराब पीना और नशा करना, कमजोर व्यक्तियों और गरीबों पर अत्याचार करना, निरीह जानवरों को मारना, देवताओं का अपमान करना आदि कुछ शास्त्रोक्त घृणित कार्य हैं, जिसकी अति हो जाने पर शनिदेव नाराज हो जाते हैं।

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भूल से भी न करें ये काम

  • कभी भी सच्चे और अच्छे हृदय के व्यक्ति को न सताएं और न ही उसका शोषण करें।
  • शनिदेव न्याय के स्वामी हैं, जहां सच्चाई का बोलबाला है। अपनी गंदी स्वार्थसिद्धि के लिए झूठ पर झूठ बोलना, किसी व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाने जैसा काम न करें।
  • बड़ों का सम्मान नहीं करने वाले लोग से शनिदेव जल्दी नाराज हो जाते हैं। मन, वचन, कर्म, यहां तक कि विचार से भी किसी बुजुर्ग का अपमान न करें।
  • अपने कर्म से विमुख न हों और बेईमानी करने से बचें।

करें ये उपाय

  • जीवन में सादगी और सात्विकता पाने के साथ शनिदेव की कृपा के लिए शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करें। उन्हें सरसों का तेल अर्पित करें। शनि चालीसा का पाठ करें।
  • शनिवार का व्रत रखें और गरीबों और असहायों को काले कपड़े, तिल और जूते दान में दें।
  • शनिचरा व्रत करें, जो 16 शनिवार तक रखा जाता है। इस दिन पीपल और शमी वृक्ष की पूजा करें। उड़द की खिचड़ी बांटें।
  • हर रोज बजरंग बली हनुमानजी की चालीसा का पाठ करें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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