शमी पौधे का सूखना नहीं है अच्छा संकेत, जल्द करें ये उपाय, वरना...

Shami Plant Signs: सनातन धर्म में शमी के पौधे को बहुत शुभ और पवित्र माना गया है। भगवान शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इसे घरों में लगाया जाता है। यदि आपके घर में लगा शमी प्लांट सूख रहा है, तो यह शुभ नहीं है। जानिए इस पौधे का सूखना क्या संकेत देता है?

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Shami Plant Signs: हिन्दू धर्म में पशु-पक्षी सहित पेड़-पौधों का संबंध ग्रहों, राशियों और देवताओं से जुड़ा हुआ है। एक ऐसा ही खास पौधा है, शमी। इस पौधे का संबंध शनि ग्रह और शनिदेव से है। भगवान शिव को भी शमी वृक्ष बहुत प्रिय है। इन्हें प्रसन्न करने के लिए शनिवार को शमी की विशेष पूजा की जाती है। यदि आपने अपने घर में शमी का पौधा लगा रखा है और वह सूख रहा है, तो इसे इग्नोर न करें, क्योंकि ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी पौधे का सूखना अच्छा संकेत नहीं है। आइए जानते हैं कि इस पौधे का सूखना क्या संकेत देता है और क्या उपाय करने चाहिए?

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शमी पौधे के सूखने से मिलते हैं ये संकेत

यदि आपके घर में लगा शमी का पौधा सूखने लगा है, तो यह शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इस पौधे का अचानक सूखना शनिदेव के कुपित यानी क्रोधित होने का संकेत देता है। शमी के पौधे के बारे में मान्यता है कि जब घर पर कोई विपत्ति या संकट आने वाला होता है, तो वह सूखने लगता है यानी शमी का सूखना आने वाले कष्ट की सूचना देता है। मान्यता है कि इस पौधे के सूखने से घर में आर्थिक संकट बढ़ने से संकेत मिलता है।

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शमी पेड़ का झुकाव

केवल शमी के पौधे के सूखने से नहीं बल्कि उसके दक्षिण और पश्चिम में झुकने से अशुभ संकेत मिलते हैं। इसका दक्षिण दिशा में झुकना घर के किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार होने का संकेत देता है, वहीं पश्चिम दिशा में इसका झुकाव धन हानि को बताता है।

गमले का टूटना

शमी के गमले के टूटने या चटकने को भी शुभ नहीं माना गया है। इसके गमले का अचानक टूटना घर में नकारात्मकता बढ़ने का सूचक माना गया है, साथ ही यह दर्शाता है कि घर के सदस्यों में मनमुटाव है और पारिवारिक झगड़े बढ़ने वाले हैं। शमी के गमले का चटकना घर पर राहु के बुरे असर के बारे में संकेत देता है।

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करें ये उपाय

सबसे पहले यह पता करें कि कहीं शमी के पौधे के रखरखाव और केयर में कोई लापरवाही तो नहीं हो रही है। गमले की मिट्टी की जांचकर उसकी गुणवत्ता को बढ़ाने का प्रयास करें। शमी पौधे को अधिक पानी की जरुरत नहीं होती है, इसलिए इसमें पानी डालने का एक समय निश्चित करें। इसमें सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद ही पानी दें। गमले में कुछ भी अनावश्यक चीजें, जैसे- पुराने दीये, अधजली अगरबत्तियां और बातियां, माचिस की तीलियां आदि न रहने दें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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