जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
जय जय श्री शनि देव..
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।
नीलाम्बरधारी नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनि देव..
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनि देव..
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनि देव..
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनि ग्रह को कर्मों के फलदाता और न्यायाधीश का दायित्व सौंपा गया है. शनि ग्रह लोगों को कर्मों के अनुसार फल देते हैं. शनिदेव अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर दंड या पुरस्कार देते हैं. शनि को अनुशासन और संयम के दाता माना जाता है. शनिदेव का मुख्य काम है कि, वह कर्मों का निष्पक्ष फल देते हैं.
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:07 से 04:48
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:50 से दोपहर 12:45
गोधूलि मुहूर्त- शाम में 07:04 से 07:25
निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:38
– स्नान करने के बाद काले या नीले कपड़े पहनें.
– शनि मंदिर जाएं और शनि देव की पूजा करें.
– शनि देव की मूर्ति के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
– शनिदेव को फल, फूल, कपड़े, सरसों का तेल, काले तिल आदि अर्पित करें.
– शनिदेव के मंत्रों का जाप करें और शनिदेव की आरती करें.
– शनि जयंती पर पीपल के पेड़ की पूजा करें
– पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
– गरीब और जरूरतमंदों को अन्न-धन का दान करें.
– शनि जयंती के दिन तेल और काले तिल का दान करें.
– सरसों के तेल में अपनी छाया देखकर दान करें.
– शनि जयंती पर उड़द की दाल का दान करें.
– शनि जयंती पर लोहे के बर्तन या लोही की चीजों का दान करें.
– आप काले वस्त्र या जूते-चप्पल का दान कर सकते हैं.
– शनि जयंती के दिन तेल और काले तिल का दान करें.
– सरसों के तेल में अपनी छाया देखकर दान करें.
– शनि जयंती पर उड़द की दाल का दान करें.
– शनि जयंती पर लोहे के बर्तन या लोही की चीजों का दान करें.
– आप काले वस्त्र या जूते-चप्पल का दान कर सकते हैं.
Shani Jayanti 2026 Live Updates: शनि जयंती के अवसर पर शनिदेव की पूजा का महत्व होता है. आज ज्येष्ठ अमावस्या पर शनि जयंती के साथ ही शनि अमावस्या है. शनिवार का दिन पड़ने से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है. आज शनि जयंती के अवसर पर शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपायों आदि के बारे में जानते हैं.
शनि जयंती 2026 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:07 से 04:48
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:50 से दोपहर 12:45
गोधूलि मुहूर्त- शाम में 07:04 से 07:25
निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:38
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शनि जयंती पर क्या दान करें?
शनि जयंती के दिन सरसों के तेल, काले तिल, उड़द की दाल, लोहे के बर्तन, काले वस्त्र और जूते-चप्पल का दान करना चाहिए. इन चीजों का दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. इससे शनि दोष से राहत मिलती है. आप शनि जयंती के दिन इन चीजों का दान करें. ऐसा करने से आपके जीवन में चल रही परेशानियों का अंत होगा और जीवन में सुख-समृद्धि आएगी.
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