अक्षय तृतीया के समान फलदायी है सावन का आखिरी शुक्रवार, बन रहे हैं ये महासंयोग, इन उपायों से लौट आएंगी रूठी हुई मां लक्ष्मी

Sawan ke Upay: सावन का अंतिम शुक्रवार इस साल बेहद खास है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं जो अक्षय तृतीया के बराबर माने जाते हैं। मां लक्ष्मी को समर्पित इस दिन कुछ खास उपायों और पूजा करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस दिन क्या शुभ योग बन रहे हैं और किन उपायों मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकते हैं।

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Sawan ke Upay: भगवान शिव का प्रिय महीना सावन सोमवार 19 अगस्त, 2024 को रक्षा बंधन पर्व के साथ सावन समाप्त हो जाएगा। वहीं, मंगलवार 20 से अगस्त भाद्रपद यानी भादो महीना शुरू हो जाएगा। जैसे-जैसे पवित्र मास सावन समाप्ति की बढ़ रहा है, ऐसा लगता इसके दिनों के महत्व बढ़ते ही जा रहे हैं। यह बात इस मास के अंतिम शुक्रवार के लिए सबसे सटीक बैठ रहा है।

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कुछ ज्योतिषियों और पंडितों के अनुसार, सावन के आखिरी शुक्रवार इतने अधिक शुभ योग एक साथ बन रहे हैं कि यह दिन अक्षय तृतीया के समान फलदायी है। लक्ष्मी को समर्पित इस दिन को सच्चे मन से उनकी पूजा कर प्रसन्न किया जा सकता है, यहां तक कि रूठी हुई मां लक्ष्मी भी कुछ खास लेकिन आसान उपायों से लौट आएंगी। आइए जानते हैं, इस दिन क्या शुभ संयोग बन रहे हैं और किन उपायों से धनदा मां लक्ष्मी को खुश किया जा सकता है?

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बन रहे हैं ये महासंयोग

श्रावण एकादशी: हिन्दू पंचांग के अनुसार, 16 अगस्त, 2024 का दिन बहुत खास और विलक्षण योग-संयोग से भरा हुआ है। इस दिन सावन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जो पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाई जाती है। सावन मास की इस एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु और शिव दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है।

व्रतों और पर्वों का खास संयोग: केवल इतना ही नहीं इस विशेष तारीख को वरलक्ष्मी व्रत, सिंह संक्रांति, दामोदर द्वादशी जैसे व्रतों और पर्वों का खास संयोग बन रहा है। एकादशी तिथि और शुक्रवार दिन होने के कारण इस बार का वरलक्ष्मी व्रत विशेष फलदायी है। वरलक्ष्मी व्रत रखने धन और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

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सिंह संक्रांति और मंगल गोचर: इस तारीख को सूर्य कर्क राशि से निकल कर सिंह राशि में जाएंगे, जिसे सिंह संक्रांति कहा जाता है। यह इस साल सूर्य की पांचवीं संक्रांति है। सिंह संक्रांति के अलावा जहां तक अन्य ग्रह-गोचर की बात है, तो इस तारीख को ग्रहों के सेनापति मंगल नक्षत्र परिवर्तन कर मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

इन उपायों से प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी

सावन के महीने के प्रत्येक दिन का अलग-अलग महत्व है। यह माना जाता है कि इस महीने में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। सावन के आखिरी शुक्रवार को मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि इस दिन किन उपायों से मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकते हैं?

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  • शंख बजाएं: सुबह उठकर स्नान करने के बाद शंख बजाएं। शंख बजाने से वातावरण पवित्र होता है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। शाम को घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय ओम श्री लक्ष्मी नमः का जाप करें।
  • कमल का फूल अर्पित करें: कमल का फूल मां लक्ष्मी को बहुत प्रिय है। सौभाग्य लक्ष्मी की आराधना कर मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें।
  • काली चींटियों को भोजन दें: शुक्रवार के दिन काली चींटियों को चीनी मिश्रित आटा खिलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
  • गरीबों को दान करें: अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों को भोजन करवाएं और यथा-शक्ति दान करें। दान करने से न केवल पुण्य मिलता है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
  • घर को साफ-सुथरा रखें: मां लक्ष्मी केवल उन घरों में रहना पसंद करती हैं, जो साफ और स्वच्छ होता है। साफ-सुथरे घरों पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और स्थाई रूप से वास करती हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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