Sankashti Chaturthi Upay: वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष यह 5 अप्रैल, 2026 को मनाई जाएगी। मान्यता है कि विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन विघ्ननाशक भगवान श्री गणेश की पूजा और व्रत से जीवन की तमाम बाधाएं और परेशानियां दूर हो जाती हैं। कहते हैं, जिन लोगों के जीवन में तरक्की की रफ्तार कम या कामकाज में नुकसान हो रहा हैं, यदि वे इस दिन इसे दूर करने के विशेष उपाय करते हैं, उनकी बरकत तेज हो जाती है। आइए जानते हैं, क्या हैं ये खास उपाय?
मिस्री-दूर्वा से विशेष पूजन
शाम को भगवान गणेश की पूजा करें। 21 दूर्वा और लाल फूल उनके सामने अर्पित करें। पूजा स्थल पर थोड़ा मिस्री रखें। इस दौरान मन से अपने करियर और व्यवसाय में आ रही रुकावटों के दूर होने की प्रार्थना करें। यह उपाय न केवल कार्यक्षेत्र में बाधाओं को हटाता है, बल्कि मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
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हल्दी-गुड़ का भोग और दान
भगवान गणेश को हल्दी और गुड़ का भोग लगाएं। पूजा के बाद इसे गरीब या जरूरतमंदों में दान करें। यह उपाय विशेष रूप से धन और सफलता की बढ़ोतरी के लिए शक्तिशाली है। आर्थिक तंगी और रुके हुए कामों में गति लाने में यह उपाय अत्यंत असरदार माना जाता है।
सूर्यास्त के बाद दीपक संकल्प
सूर्यास्त के समय गणेशजी के सामने दीपक जलाकर अपने प्रमुख कार्यों और समस्याओं का संकल्प लें। इस दौरान कम से कम 108 बार “ॐ गं गणपतये नमः” का जप करें। यह उपाय मानसिक शक्ति बढ़ाने, निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने और रुके हुए कार्यों में तेजी लाने में मदद करता है।
मान्यता है कि इन तीन सरल और प्रभावशाली उपायों को नियमित रूप से करने से विकट संकष्टी चतुर्थी का सकारात्मक प्रभाव तुरंत महसूस होता है। करियर, व्यवसाय और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है, और जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के रास्ते खुल जाते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.