दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यातायात के नियम तोड़ने वालों को राखी बांधी और उन्हें मिठाई भी खिलाई.
3.46 बजे यमगण्ड काल की समाप्ति हो चुकी है। अब फिर से राखी का शुभ महूर्त शुरू हो गया है। इस दौरान आप अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं।
2 बजकर 6 मिनट पर यमगण्ड योग की शुरुआत हो चुकी है। यह योग 3 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस दौरान राखी बांधने से बचना ही उत्तम रहेगा। इसके बाद आप राखी बांध सकते हैं।
साल 2025 के भाद्रपद माह की शुरुआत हो चुकी है। दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर सावन माह के अंत से ही भाद्रपद माह की शुरुआत हो चुकी है। यह महीना भगवान श्रीकृष्ण और गणेश जी को समर्पित होता है। इस महीने में ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी पड़ती है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ‘जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पूरा देश गर्व महसूस करता है। ऐसे ही हमारी सभी बहनों को विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी और देश का हर एक नागरिक देश पर कोई आंच आई तो मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली स्थित अपने दफ्तर में बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया। राजनाथ सिंह ने देशवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी।
आज पूरा देश रक्षाबंधन का पर्व मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास 7LKM पर बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया।
सावन की पूर्णिमा 1 बजकर 24 मिनट पर खत्म हो रही है और इसके बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो जाएगी। हालांकि आप आज पूरे दिन राखी बांध सकते हैं।
रक्षाबंधन की शाम 7 बजकर 6 मिनट से शाम 7 बजकर 27 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा। इस कारण शाम को आप इस समय पर राखी बांध सकते हैं। इसके साथ ही शाम 8 बजकर 10 मिनट तक भी आप राखी बांध सकते हैं।
आज रक्षाबंधन पर किसी भी समय पर आप अपनी राशि के अनुसार कुछ मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप करने से आपकी लाइफ में पॉजिटिविटी बढ़ेगी। इसके साथ ही आपके अधूरे काम भी पूरे होंगे। आइए जानते हैं कि आप राशि के अनुसार किन मंत्रों का जाप करें?
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रक्षा बंधन के शुभ दिन भगवान विष्णु की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे न सिर्फ व्यक्ति को विष्णु जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, बल्कि घर-परिवार में खुशियों का वास भी होता है।
राखी कब तक पहननी चाहिए? शास्त्रों में इसे लेकर कोई कड़े नियम नहीं हैं। लेकिन धर्म विशेषज्ञों का मानना है कि राखी को 24 घंटे तक बांधकर जरूर रखना चाहिए। 24 घंटे के बाद किसी भी शुभ मुहूर्त में आप राखी को उतार सकते हैं।
रक्षा बंधन के शुभ दिन भगवान शिव की आरती करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे भोलेबाबा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली, धन और वैभव का वास होता है।
रक्षा बंधन के शुभ दिन घर के 5 कोनों में घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे न सिर्फ बहनों के जीवन में खुशियों का वास होता है बल्कि भाई के लिए उन्नति के नए रास्ते खुलते हैं। इसलिए आज शाम अपने घर के मंदिर, किचन, मुख्य द्वार और तिजोरी के पास घी का एक दीपक जलाएं। साथ ही तुलसी के पौधे के पास विष्णु का नाम लेते हुए दीप जलाएं।
महाकाल नगरी उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आज रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर बाबा का अभिषेक किया गया है। साथ ही भस्म आरती हुई और उनका श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल को विशेष राखी बांधी गई और सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
द्रिक पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन के पावन दिन आज सूर्य देव कर्क राशि में, चंद्र देव मकर राशि में, बुध देव कर्क राशि में, शुक्र देव मिथुन राशि में, मंगल देव कन्या राशि में, गुरु देव मिथुन राशि में और शनि देव मीन राशि में रहेंगे। जबकि कुंभ राशि में राहु ग्रह और सिंह राशि में केतु ग्रह के मौजूद होने के योग हैं।
रक्षा बंधन के इतिहास से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। भविष्य पुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार, एक बार दानवों और देवों के बीच युद्ध छिड़ गया था, जिसमें दानवों का पगड़ा भारी था। ये देख इंद्र देव चिंतित होकर बृहस्पति देव के पास पहुंचे। बृहस्पति जी ने मंत्र-शक्ति से पवित्र एक धागा इंद्र देव को दिया और उसे उनकी पत्नी से सावन पूर्णिमा के दिन कलाई पर बंधवाने को कहा। इंद्र देव की पत्नी ने उनकी कलाई पर वो धागा बांधा, जिसके बाद वो युद्ध लड़ने गए और जीत हासिल की। माना जाता है कि उस समय सृष्टि में पहली बार किसी पत्नी ने अपने पति को रक्षासूत्र बांधा था।
महाभारत पुराण में वर्णित एक कथा के मुताबिक, कृष्ण जी ने जब सुदर्शन चक्र से राजा शिशुपाल का वध किया था तो उनकी उंगली से खून बहने लगा था। कृष्ण जी की उंगली से बहते खून को देख देवी द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा उनकी उंगली पर बांध दिया, जिसके बदले में भगवान ने देवी द्रौपदी को हर संकट से बचाने का वचन दिया। कहा जाता है कि इसी के बाद से बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने लगीं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भाई की कलाई पर राखी बांधते समय तीन गांठ बांधना शुभ होता है। तीनों गांठों का अपना महत्व है। पहली गांठ सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी को समर्पित होती है। साथ ही इसे नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। जबकि दूसरी गांठ सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु को समर्पित है। साथ ही ये भाई की सुरक्षा, खुशी और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से जुड़ी होती है। वहीं तीसरी गांठ को बुरी शक्तियों से रक्षा और मोक्ष की ओर मार्गदर्शन का प्रतीक माना जाता है, जो कि शिव जी को समर्पित है।
Raksha Bandhan 2025: रक्षा बंधन का पर्व सावन माह की पूर्णिमान पर मनाया जाता है। यह पर्व भाई और बहन के प्रेम और विश्वास के प्रतीक माना जाता है। साल 2025 में यह पर्व आज 9 अगस्त दिन शनिवार को मनाया जा रहा है। इस बार सूर्योदय से पहले ही भद्रा की समाप्ति है। इस कारण भद्रा का साया इस बार रक्षा बंधन पर्व पर नहीं पड़ रहा है। ऐसे में आज का पूरा दिन राखी का पर्व मनाने के लिए उत्तम है। इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे कइयों शुभ योग भी पड़ रहे हैं।
आज सुबह 4 बजकर 22 मिनट से राखियां बांधी जा सकती हैं। यह पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र से युक्त है। इस कारण यह काफी शुभ रहेगी। यह अत्यंत ही मंगलकारी और फलदायक रहेगा। शुभ मुहूर्त की शुरुआत सुबह 5 बजकर 47 मिनट से होगी। यह 1 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। हालांकि शाम को 7 बजकर 06 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त में भी आप राखी बांध सकते हैं।
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