Radha Ashtami 2024: राधा अष्टमी पर लाडली जी को चढ़ाएं ये 5 चीजें, हो जाएगा जीवन से दुखों का अंत!

Radha Ashtami 2024: भादो महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली राधा अष्टमी, राधा जी के जन्मदिन का पर्व है। इस दिन राधा जी को उनकी प्रिय 5 वस्तुएं अर्पित कर उनकी पूजा करने से जीवन में प्रेम और खुशियां आती हैं। आइए जानते हैं, ये 5 पवित्र वस्तुएं क्या हैं?

Radha-Ashtami-2024

Radha Ashtami 2024: हिन्दू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है, तो वहीं जिस दिन राधा जी का जन्म हुआ था, उस तिथि को भक्त और श्रद्धालु राधा अष्टमी पर्व के रूप में मनाते हैं। यह पर्व भादो महीने में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। देश भर के सभी राधाकृष्ण मंदिरों में इस पर्व को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन बरसाना, वृंदावन और रावल में इस पर्व की खास धूम देखने को मिलती है।

विज्ञापन

राधाजी के कई नाम हैं। वे किशोरी जी, लाडली जी, राधा रानी, ऊंची अटारी वाली, कृष्णप्रिया, श्री वृषभानु दुलारी आदि नामों से प्रसिद्द राधा जी स्वयं प्रेम का प्रतीक मानी गई हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति उनकी सच्चे मन से पूजा करता है, उसके जीवन प्रेम-ही-प्रेम और खुशियां-ही-खुशियां होती हैं। राधा रानी की पूजा और आराधना से व्यक्ति के आत्मज्ञान, भक्ति और प्रेम में वृद्धि होती है। मान्यता है कि राधा अष्टमी के दिन यदि उन्हें उनकी प्रिय वस्तु को चढ़ाने से जीवन से दुखों का अंत हो जाता है। आइए जानते हैं, वे पवित्र चीजें कौन-सी हैं?

विज्ञापन

अर्पित करें बांसुरी

राधा जी को भगवान श्रीकृष्ण की आह्लादिनी यानी खुश करने वाली कहा जाता है। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की दूसरी पसंदीदा वस्तु है बांसुरी। कहते हैं, जब-जब कान्हा बांसुरी बजाते थे, तो उसकी धुन के रूप में उसमें राधा रानी का स्वर संचार होता था। मान्यता है कि राधा रानी को बांसुरी अर्पित करने से वे जल्दी खुश हो जाती है और मनोकामना पूरी करती हैं।

रंग-बिरंगे फूल और मालाएं

लाडली जी को रंग-बिरंगे फूल और मालाएं अर्पित करना एक सबसे ज्यादा खास उपाय है, क्योंकि उनको सुंदर, ताजे और रंग-बिरंगे फूल बहुत प्रिय हैं। राधाष्टमी के दिन किशोरी जी को गुलाब, मोगरा, और चंपा के फूल अर्पित करें। इन फूलों से राधा रानी की प्रतिमा को सजाएं और उनकी पूजा करें। यह एक सरल लेकिन प्रभावी उपाय है, जिससे जीवन में राधा रानी की कृपा बरसती है।

विज्ञापन

राधा रानी को चूड़ा अर्पण

श्री राधा जी बेहद दयालु हैं। उनेके अंदर इतनी दया भावना है वे अपने भक्तों को कभी भी दुखी नहीं देख सकती हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए राधाष्टमी के दिन श्री राधा जी को हाथ में पहनने वाले कड़े (चूड़ा) अर्पित करें। आपको बता दें कि भगवान कृष्ण को राधा रानी के हाथ में कड़े बहुत पसंद थे।

विज्ञापन

घी के दीये जलाएं

राधा रानी की पूजा के दौरान गाये के घी का दीपक जलाना भी महत्वपूर्ण है। राधा अष्टमी के दिन विशेष रूप से घी के दीपक जलाकर राधा रानी की आरती करने से वे प्रसन्न होती है। मान्यता है कि इस से राधा रानी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

मोर पंख अर्पित करें

मोर पंख भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय वस्तुओं में से एक है। मोरपंख उनके प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। इसलिए यह लाडली जी को भी पसंद है। साथ ही मोरपंख को भाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे पूजा में शामिल करने से भक्तों के जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। राधा अष्टमी के दिन इसे अर्पित करने से जीवन में सब शुभ ही शुभ होता है।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ