Premanand Maharaj: अक्सर लोग सोते हुए व बैठे हुए व्यक्ति को लांघ देते हैं, जो कि धार्मिक मान्यता के अनुसार ठीक नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पशुओं को लांघना भी अशुभ होता है. हमारे हिंदू धर्म में हर जीव के प्रति आदर, करुणा और संवेदनशीलता का भाव रखने की बात कही गई है, जिसे अनदेखा करने से विभिन्न दुष्परिणाम मिलते हैं. यहां तक कि अनजाने में पशुओं को लांघने की गलती करने से भी जीवन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
हाल ही में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज ने भी पशुओं को लांघने व उनका अपमान करने से जुड़े नियमों के बारे में बताया है. चलिए विस्तार से जानते हैं कि पशुओं को लांघना क्यों अशुभ होता है और उसका कैसा नकारात्मक प्रभाव जीवन पर पड़ता है.
---विज्ञापन---
पशुओं को क्यों नहीं लांघना चाहिए?
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि हर जीव में देवी-देवताओं का वास होता है. कभी कोई व्यक्ति गलती से भी सोते हुए या बैठे हुए पशु को लांघ देता है तो उसके सुकृत यानी अच्छे कर्म नष्ट हो जाते हैं. हालांकि, पशुओं को लांघने की जगह आप उनके किनारे से निकल सकते हैं. यदि किनारे से निकलने की जगह नहीं है तो ऐसे में अपना रास्ता ही बदल लेना सही है.
---विज्ञापन---
इसी के आगे बाबा कहते हैं कि जो लोग पशुओं को लात मारते हैं, उनके सारे पुण्य नष्ट हो जाते हैं. वहीं, जो लोग पशुओं को शारीरिक रूप से कष्ट पहुंचाते हैं, उन्हें महापाप लगता है. ऐसे लोग जीवन में सदा परेशान रहते हैं और समाज में उच्च स्थान प्राप्त नहीं कर पाते हैं.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें- क्या आपकी हथेली पर हैं ये खास निशान? हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार ऐसे लोग बनते हैं बड़े लीडर और नेता
---विज्ञापन---
इंसान को क्यों नहीं लांघना चाहिए?
प्रेमानंद महाराज ने एक बार सत्संग में बताया था कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को लांघ देता है तो उसे महापाप लगता है. शास्त्रीय सिद्धांत के अनुसार, जीवन के अंत तक ऐसे व्यक्ति को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें- Budh Vakri 2026: 24 जुलाई तक वृषभ समेत इन 4 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, वक्री हुए बुध
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.