Padmini Ekadashi Vrat 2026 Today: जगत के पालनहार भगवान विष्णु के भक्तों के लिए पद्मिनी एकादशी के व्रत का खास महत्व है, जो हर 3 साल में रखा जाता है. पंचांग के अनुसार, हर बार पद्मिनी एकादशी का व्रत अधिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है, जिसे अधिक मास एकादशी के नाम से भी देश के कई राज्यों में जाना जाता है. इस बार आज 27 मई 2026, वार बुधवार को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है.

---विज्ञापन---

मान्यता है कि इस दिन व्रत और विष्णु जी की पूजा करने से पाप कटते हैं. साथ ही विभिन्न इच्छाओं की पूर्ति होती है. चलिए अब जानते हैं पद्मिनी एकादशी की पूजा के शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के पारण के समय के बारे में.

---विज्ञापन---

पद्मिनी एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:03 से सुबह 04:44
  • विजय मुहूर्त- दोपहर 02:36 से दोपहर 03:31
  • सायाह्न सन्ध्या- शाम 07:12 से रात 08:13

पद्मिनी एकादशी की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठने के बाद स्नान कर साफ पीले रंग के वस्त्र पहनें.
  • पूजा स्थान की सफाई कर वहां चौकी स्थापित करें.
  • चौकी के ऊपर लाल या पीला रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें.
  • हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें.
  • मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं और नए वस्त्र पहनाएं.
  • देसी घी का दीपक जलाने के बाद विष्णु जी को चंदन, फूल, मिठाई, फल, तुलसी के पत्ते और जल अर्पित करें.
  • मंत्र जाप करने के बाद पद्मिनी एकादशी व्रत की कथा सुनें या पढ़ें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.
  • शाम में गरीबों को दान दें.
  • अगले दिन फिर से विष्णु जी की पूजा करने के बाद व्रत का पारण करें.

ये भी पढ़ें- Lizard Walking on Ground: घर में फर्श पर छिपकली का रेंगना शुभ संकेत है या अशुभ? जानें क्या कहता है शकुन शास्त्र

---विज्ञापन---

पद्मिनी एकादशी का व्रत कब खोलें?

आज 27 मई 2026 को रखे जाने वाले पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण कल 28 मई 2026 को होगा. कल सुबह 5 बजकर 25 मिनट से सुबह 7 बजकर 26 मिनट के बीच आज कभी भी पद्मिनी एकादशी का व्रत खोल सकते हैं.

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

---विज्ञापन---