Navdurga Stotram Lyrics: श्री नवदुर्गा स्तोत्रम् (श्री नवदुर्गा स्तोत्रम व श्री नवदुर्गा स्तोत्र) आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ दिव्य रूपों का एक अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है, जिसके पाठ से मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चन्द्रघण्टा, मां कूष्माण्डा, मां स्कन्दमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की विशेष कृपा प्राप्त होती है. अधिकतर लोगों को लगता है कि नवदुर्गा स्तोत्रम् का पाठ केवल नवरात्रि में ही किया जाता है, लेकिन ये सच नहीं है.
मासिक दुर्गाष्टमी और मां दुर्गा को समर्पित व्रत-त्योहार पर भी नवदुर्गा स्तोत्रम् का पाठ करना शुभ होता है. इसके पाठ से न सिर्फ मां दुर्गा खुश होती हैं, बल्कि अपने भक्तों को हर संकट से बचाती भी हैं. साथ ही नवग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए भी इसका पाठ किया जाता है. यहां पर आप नवदुर्गा स्तोत्रम् के सही लिरिक्स पढ़ सकते हैं.
श्री नवदुर्गा स्तोत्रम् (Navdurga Stotram Lyrics)
॥ देवी शैलपुत्री ॥
वन्दे वाञ्छितलाभायचन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढाम् शूलधरांशैलपुत्री यशस्विनीम्॥1॥
॥ देवी ब्रह्मचारिणी ॥
दधाना करपद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयिब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥2॥
॥ देवी चन्द्रघण्टा ॥
पिण्डजप्रवरारूढाचन्दकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम्चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥3॥
॥ देवी कूष्माण्डा ॥
सुरासम्पूर्णकलशम्रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्याम्कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥4॥
॥ देवी स्कन्दमाता ॥
सिंहासनगता नित्यम्पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवीस्कन्दमाता यशस्विनी॥5॥
॥ देवी कात्यायनी ॥
चन्द्रहासोज्ज्वलकराशार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्यादेवि दानवघातिनी॥6॥
॥ देवी कालरात्रि ॥
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णीतैलभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णाकालरात्रिर्भयङ्करी॥7॥
॥ देवी महागौरी ॥
श्र्वेते वृषे समारूढाश्र्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥8॥
॥ देवी सिद्धिदात्रि ॥
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात्सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥9॥
॥ इति श्री नवदुर्गा स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥
नवदुर्गा स्तोत्रम् के पाठ से जुड़े नियम (Navdurga Stotram Niyam)
- ब्रह्म मुहूर्त में या संध्याकाल के दौरान ही इसका पाठ करना चाहिए.
- स्नान आदि कार्य करने के बाद शुभ कपड़े पहनकर मंदिर घर में बैठकर इसका पाठ करना चाहिए.
- पाठ के दौरान मन को एकाग्र रखें.
- पाठ को एक बार शुरू करने के बाद पूरा जरूर करें.
- आसन पर बैठने के बाद अपनी जगह को न छोड़ें.
- नवदुर्गा स्तोत्रम् का पाठ करने से पहले मां दुर्गा की पूजा करें और मंदिर में घी का दीपक जलाएं.
- झूठे मुंह से पाठ न करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
संबंधित खबरें
कब है गोवर्धन पूजा? जानिए सही तारीख और इस पर्व से जुड़ी पौराणिक कथा
12 hrs agoकैसा होता है सपने में पितरों का दिखना? पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
17 hrs agoश्राद्ध का भोजन कराने के लिए कौवा ना मिले तो क्या करें? जानिए
18 hrs ago11 अक्टूबर को होगा शारदीय नवरात्रि का आरंभ, जानिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
20 hrs agoपितृ दोष से मुक्ति के लिए उत्तम है सर्वपितृ अमावस्या, जानिए उपाय
1 day agoसुख-समृद्धि के लिए पितृ पक्ष में करें पितृ चालीसा का पाठ, पढ़ें लिरिक्स
1 day agoकैसे चंदन लगाने से मिलेगा भाग्य का साथ? पंडित सुरेश पांडेय से जानिए उपाय
1 day agoकब है छठ पूजा? जानिए नहाय-खाय, खरना से लेकर अर्घ्य तक, जानिए सही तारीख
1 day ago6 या 7 अक्टूबर कब है इंदिरा एकादशी? जानिए पितृ पक्ष की सही तारीख और महत्व
1 day agoकब है शरद पूर्णिमा? इस दिन क्यों बनाया जाता है खीर का प्रसाद
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines