Shri Durga Ashtottara Shatanama Stotram Lyrics: रोजाना पढ़ें श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र, धन-खुशियों से भरा रहेगा घर

Shri Durga Ashtottara Shatanama Stotram Lyrics: मां दुर्गा को खुश करने के लिए श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र पढ़ना व सुनना शुभ होता है. इससे न सिर्फ बुरी शक्तियों से रक्षा होती है, बल्कि जीवन में सफलता मिलने के नए रास्ते भी खुलते हैं. यहां पर आप श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र के सही लिरिक्स पढ़ सकते हैं.

Shri Durga Ashtottara Shatanama Stotram Lyrics

Credit- Social Media

विज्ञापन

Shri Durga Ashtottara Shatanama Stotram Lyrics: श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र यानी दुर्गाअष्टोत्तरशतनामस्तोत्र एक हिंदू पवित्र स्तोत्र है, जिसमें आदिशक्ति मां दुर्गा के 108 नामों का वर्णन किया गया है. इस स्तोत्र को दुर्गा सप्तशती का एक अहम हिस्सा माना जाता है, जिसमें देवी दुर्गा की विभिन्न शक्तियों और गुणों का उल्लेख किया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र का पाठ करते हैं, उनकी हर मोड़ पर स्वयं माता दुर्गा रक्षा करती हैं. साथ ही जीवन का हर सुख प्रदान करती हैं. चलिए अब जानते हैं श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र के सही लिरिक्स और पढ़ने-सुनने के लाभ के बारे में.

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र

ईश्वर उवाच

विज्ञापन

शतनाम प्रवक्ष्यामि श्रृणुष्व कमलानने।
यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती॥1॥
ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी।
आर्या दुर्गा जया चाद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी॥2॥
पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपाः।
मनो बुद्धिरहंकारा चित्तरूपा चिता चितिः॥3॥
सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्दस्वरूपिणी।
अनन्ता भाविनी भाव्या भव्याभव्या सदागतिः॥4॥
शाम्भवी देवमाता च चिन्ता रत्नप्रिया सदा।
सर्वविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञविनाशिनी॥5॥
अपर्णानेकवर्णा च पाटला पाटलावती।
पट्टाम्बरपरीधाना कलमञ्जीररञ्जिनी॥6॥
अमेयविक्रमा क्रूरा सुन्दरी सुरसुन्दरी।
वनदुर्गा च मातङ्गी मतङ्गमुनिपूजिता॥7॥
ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कौमारी वैष्णवी तथा।
चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृतिः॥8॥
विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या च बुद्धिदा।
बहुला बहुलप्रेमा सर्ववाहनवाहना॥9॥
निशुम्भशुम्भहननी महिषासुरमर्दिनी।
मधुकैटभहन्त्री च चण्डमुण्डविनाशिनी॥10॥
सर्वासुरविनाशा च सर्वदानवघातिनी।
सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी तथा॥11॥
अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणी।
कुमारी चैककन्या च कैशोरी युवती यतिः॥12॥
अप्रौढा चैव प्रौढा च वृद्धमाता बलप्रदा।
महोदरी मुक्तकेशी घोररूपा महाबला॥13॥
अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी।
नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी॥14॥
शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी।
कात्यायनी च सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी॥15॥
य इदं प्रपठेन्नित्यं दुर्गानामशताष्टकम्।
नासाध्यं विद्यते देवि त्रिषु लोकेषु पार्वति॥16॥
धनं धान्यं सुतं जायां हयं हस्तिनमेव च।
चतुर्वर्गं तथा चान्ते लभेन्मुक्तिं च शाश्वतीम्॥17॥
कुमारीं पूजयित्वा तु ध्यात्वा देवीं सुरेश्वरीम्।
पूजयेत् परया भक्त्या पठेन्नामशताष्टकम्॥18॥
तस्य सिद्धिर्भवेद् देवि सर्वैः सुरवरैरपि।
राजानो दासतां यान्ति राज्यश्रियमवाप्नुयात्॥19॥
गोरोचनालक्तककुङ्कुमेन सिन्दूरकर्पूरमधुत्रयेण।
विलिख्य यन्त्रं विधिना विधिज्ञो भवेत् सदा धारयते पुरारिः॥20॥
भौमावास्यानिशामग्रे चन्द्रे शतभिषां गते।
विलिख्य प्रपठेत् स्तोत्रं स भवेत् सम्पदां पदम्॥21॥

॥ इति श्रीविश्वसारतन्त्रे दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं समाप्तम् ॥

विज्ञापन

किस समय करें श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र का पाठ?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्नान आदि कार्य करने के बाद ब्रह्म मुहूर्त में श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र पढ़ना व सुनना सबसे ज्यादा शुभ होता है. नियमित रूप से इसके पाठ से मां दुर्गा के साथ-साथ देवों के देव महादेव भी खुश होते हैं. साथ ही जीवन में धन-धान्य, खुशहाली और समृद्धि का आगमन होता है. इसके अलावा अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ