नाग पंचमी का महत्व
भारत के ऋषि-मुनियों ने बहुत वैज्ञानिक और लॉजिकल (तार्किक) ढंग से व्रत, पर्व और त्योहारों को स्थापित किया है। विशेष कर देवशयनी और देवोत्थान एकादशी के बीच के सभी पर्व-त्योहार एक व्यवस्थित पैटर्न पर सेट किए हुए प्रतीत होते हैं। नाग पंचमी उन त्योहारों में से एक है। बारिश के मौसम में सांपों और नागों के बिल में पानी भर जाने से ये जीव मानव रिहाइश के क्षेत्र में आ जाते हैं। इस कारण से सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती है। वहीं बहुत से लोग सांपों को देखते ही मार डालते है, जिसका असर पर्यावरण पर पड़ता है। इसलिए नाग पंचमी हमें प्रकृति के सभी जीवों के प्रति सम्मान और सह-अस्तित्व का संदेश देती है। यह हमें सिखाती है कि सभी जीवों का इस धरती पर रहने का अधिकार है और हमें उनकी रक्षा करनी चाहिए। धार्मिक दृष्टि से नाग और सांप भगवान शिव के गण हैं। महादेव बाबा भोलेनाथ के गले में लिपटा नाग भी हमें सह-अस्तित्व की ओर इशारा करती है। ये भी पढ़ें: Numerology: इन 4 तारीखों में जन्मे व्यक्ति धन कमाने में होते हैं माहिर, गुरु बृहस्पति की रहती है विशेष कृपानाग पंचमी पर करें ये उपाय
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।