भारत में कांवड़ यात्रा चल रही है. इसलिए सरकार ने भी श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए हैं. उनके रहने और खान पान की चीजें पर खास ध्यान रखा जा रहा है. खाने में न सिर्फ पारंपरिक व्यंजन बल्कि कई मॉडर्न डिशेज भी मेन्यू में शामिल की गई हैं. खास बात यह है कि इस बार शाही पनीर और दाल मखनी से लेकर पिज्जा, पास्ता और मोमोज तक के सभी व्यंजनों को बिना प्याज और लहसुन के तैयार किया जा रहा है. इस तरह शिविरों में पारंपरिक आस्था और स्वाद के चीज बैलेंस रहेगा. अब कांवड़ यात्री स्वाद के साथ साथ अच्छा और साफ खाना भी खा पाएंगे.
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सुबह से रात तक खाने का पूरा इंतजाम
कांवड़ियों के लिए शिविरों में पूरे दिन का मील शेड्यूल तैयार किया गया है. सुबह की शुरुआत चाय, बिस्किट, पोहा और जलेबी जैसे स्नैक्स से की जाती है. फिर नाश्ते में समोसा, कचौरी, ब्रेड पकौड़ा, वेजिटेबल हक्का नूडल्स और हनी चिली पोटैटो जैसी चीजें दी जाती हैं.
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बिना लहसुन-प्याज के मिलेगा दोपहर का पारंपारिक खाना
दोपहर के खाने में शाही पनीर, कड़ाही पनीर, पनीर लबाबदार, दाल मखनी और मिक्स वेजिटेबल जैसे व्यंजन शामिल हैं. इनके साथ चूर-चूर नान, बटर नान, जीरा राइस और रोटी दी जा रही है. खाने के बाद आपको मीठे में कई चीजें दी जाएंगी. लोग अपनी पसंद से चीजें खा सकते हैं.
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यूनिक तरीके से तैयार किया जा रहा है फास्ट फूड
आपको जानकर हैरानी होगी कि पिज्जा और मोमोज जैसी चीजें भी कांवड़ श्रद्धालुओं को दी जा रही हैं. अगर आपको शाम के वक्त भूख लगी है या कुछ अलग स्वाद चखने का मन है तो फस्ट फूड का मेन्यू मिलेगा. इसमें स्प्रिंग रोल, चिली पनीर, मंचूरियन, सूप और बर्गर जैसे ऑप्शन मिलेंगे.
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मशीनों से बनेंगी हजारों रोटियां
बड़े कांवड़ शिविरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. मीडिया के मुताबिक, एक शिविर में ऐसी मशीन लगाई गई है जो एक बार में करीब 20 किलो आटा गूंथ सकती है. ऑटोमैटिक रोटी बनाने वाली मशीन 16 रोटियां हर मिनट में और हर घंटे में करीब 900 रोटियां तैयार की जा रही हैं.
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व्रत रखने वालों के लिए भी है इंतजाम
कांवड़ियों में जो लोग व्रत या फलाहार कर रहे हैं, उनके लिए भी अलग से इंतजाम हैं. कुछ शिविरों में कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन, आलू की सब्जी, मौसमी फल और व्रत वाली चीजें दी जा रही हैं. आप शेक या दूध भी पी सकते हैं.
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