Kamada Ekadashi 2026 Vrat Ki Galtiyan: भगवान विष्णु के भक्तों के लिए कामदा एकादशी के व्रत का खास महत्व है, जिसे महापुण्यदायी व फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि कामदा एकादशी के दिन व्रत रखने और पूजा-पाठ करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु खुश होते हैं. साथ ही भक्तों को पापों से मुक्ति दिलाते हैं. यहां तक कि ब्राह्मण की हत्या का महापाप भी कामदा एकादशी व्रत के सफल होने से नष्ट हो सकता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है, जो कि इस बार 29 मार्च 2026 को रखा जा रहा है.
कामदा एकादशी का व्रत काफी कठिन होता है, जिस दौरान विभिन्न नियमों का पालन करना होता है अन्यथा व्यक्ति को महापाप लग सकता है. चलिए विस्तार से जानते हैं कामदा एकादशी व्रत के दौरान की जाने वाली गलतियों के बारे में, जिनसे विष्णु जी नाराज हो सकते हैं.
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कामदा एकादशी व्रत के नियम
- कामदा एकादशी का व्रत निर्जला और फलाहार दोनों तरीकों से रखा जा सकता है. निर्जला व्रत में कुछ भी खाने-पीने की मनाही होती है, जबकि फलाहार व्रत में दिन में एक बार फल और जल का सेवन किया जा सकता है.
- ब्राह्मणों को भोजन कराने या दान देने के बाद ही व्रत का पारण करना चाहिए.
- व्रत के दौरान सोने से बचें. खासकर, दोपहर में न सोएं.
- बेड पर बैठने की जगह जमीन पर चटाई बिछाकर बैठें.
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें और ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक चीजों के बारे में सोचें.
- लड़ाई-झगड़ा न करें और न ही किसी को गलत बातें बोलें.
- विष्णु जी की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल जरूर करें.
- बाल, नाखून, दाढ़ी और मूंछ काटने से बचें.
- बाल धोने से बचें.
- चावल का सेवन न करें.
- लोहे की वस्तुएं, काले रंग की चीजें, पुराने कपड़े, अन्न या तेल का दान न करें.
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कामदा एकादशी का व्रत कब खोलें?
साल 2026 में 29 मार्च को कामदा एकादशी का उपवास रखा जाएगा, लेकिन व्रत का पारण अगले दिन 30 मार्च 2026 को करना शुभ रहेगा. 30 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 44 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 15 मिनट के बीच आप व्रत का पारण कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.