हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Kaalchakra: वैभव लक्ष्मी व्रत से मिलता है अपार धन और सौभाग्य, पूजा में ये छोटी-सी भूल पड़ सकती है भारी

Kaalchakra Today: वैभव लक्ष्मी व्रत प्रत्येक शुक्रवार की शाम के समय विधि-विधान से किया जाता है और इस व्रत को 7, 11 या 21 शुक्रवार तक रखने के विशेष नियम हैं. पंडित सुरेश पांडेय के अनुसार, वैभव लक्ष्मी की कथा पढ़ने और पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और धन मिलता है. लेकिन इस व्रत के दौरान कुछ गलतियां से बचना आवश्यक हैं. आइए जानते हैं, क्या हैं ये गलतियां

विज्ञापन
वैभव लक्ष्मी व्रत शुक्रवार की शाम में किया जाता है. (Photo Credit: AI/News24)

Kaalchakra Today: मां लक्ष्मी के आठ रूपों में वैभव लक्ष्मी भी एक है, जिसकी आराधना करने से जीवन में सुख, समृद्धि के साथ अपार धन और सौभाग्य प्राप्त होता है। यह व्रत शुक्रवार को ही किया जाता है। कालचक्र कार्यक्रम में पंडित सुरेश पांडेय बताते हैं कि इस व्रत को 7, 11 या 21 शुक्रवार तक किया जाता है। इसकी पूजा शाम में की जाती है और पूजा में वैभव लक्ष्मी की कथा जरूर पढ़ी जाती है। इससे दरिद्रता अपने आप दूर होती है। आइए जानते हैं, इस व्रत का सम्पूर्ण लाभ क्या है और पूजा कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए, वरना वह भारी पड़ जाती है?

वैभव लक्ष्मी व्रत के लाभ

पंडित सुरेश पांडेय के अनुसार, वैभव लक्ष्मी व्रत से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। धन के मामले में अगर नुकसान हो रहा है, तो वह रुक जाता है। अगर कोई कानूनी मसला जीवन को परेशान कर रहा है, तो वह रुक जाता है। छात्रों की पढ़ाई में आ रही रुकावट दूर होती है। बिजनेस और जॉब में तरक्की मिलती है। इनकम ने नए सोर्स बनते हैं। धन आमद का प्रवाह तेज होता है। सौभाग्य में वृद्धि होती है। लाइफ पार्टनर के साथ हेल्थ और आयु पर पॉजिटिव असर होता है। घर-परिवार के झगड़े-क्लेश समाप्त हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें: Kaalchakra: ‘चांदी के गणेश’ से होती है बरकत, भरती है तिजोरी, पंडित सुरेश पांडेय से जानें उपाय

विज्ञापन

कुंवारी लड़कियां भी कर सकती हैं व्रत

पंडित जी यह भी कहते हैं कि वैभव लक्ष्मी की पूजा और व्रत में सत्विकता का पालन सबसे जरूरी है। यह मन, वचन और कर्म तीनों से होता है। विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत सबसे उत्तम है, लेकिन इसे कुंवारी लड़कियां भी कर सकती हैं। पुरुष भी श्री यंत्र की स्थापना और श्री सूक्तं का पाठ कर सकते हैं। इसकी पूजा से निस्संदेह घर में धन-धान्य भरा रहता है।

न करें ये गलतियां

पंडित जी बताते हैं कि वैभव लक्ष्मी व्रत में श्री यंत्र की पूजा जरूरी है। इसके साथ ही श्री सूक्तं और कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी आवश्यक है। लेकिन वैभव लक्ष्मी व्रत में कुछ गलतियां भारी पड़ सकती हैं। इसमें तामसी भोजन, मांसाहार, लहसुन-प्याज वर्जित होता है। खट्टी चीज बिल्कुल नहीं खानी चाहिए। स्वभाव को विनम्र और साफ रखना चाहिए। किसी कि निंदा, चुगली या बुराई नहीं करनी चाहिए। किसी इस ईर्ष्या या घृणा नहीं करनी चाहिए।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Torn Underwear Astrology: क्या फटी बनियान और अंडरवियर पहनने से ‘भाग्य उदय’ रुकता है, जानें ज्योतिष रहस्य

देखें वीडियो

कालचक्र के इस कार्यक्रम को आप नीचे दिए वीडियो में देख सकते हैं:

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Elephant Ride Dream: सपने में हाथी की सवारी करना है किस बात का संकेत, जानें क्या कहता है स्वप्न शास्त्र

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola