Kaalchakra Today 23 June 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में नक्षत्रों का खास महत्व है, जिनकी मदद से किसी भी व्यक्ति के स्वभाव, क्षमताओं और उसके साथ भविष्य में घटने वाली घटनाओं का आकलन किया जा सकता है. शास्त्रों में कुल 27 नक्षत्रों का उल्लेख किया गया है, जिनका समय-समय पर निर्माण होता है. मान्यता है कि नक्षत्र के जरिए व्यक्ति को अपनी बीमारियों के समय का भी पता चल सकता है. दरअसल, हर नक्षत्र में हुए रोग की एक अवधि होती है, जिसे आसानी से जाना जा सकता है. हालांकि, नक्षत्र के अनुसार कुछ उपायों को करके गंभीर से गंभीर रोग से मुक्ति भी पाई जा सकती है.
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आज 23 जून 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको बताने जा रहे हैं कि किस नक्षत्र में हुआ रोग लगभग कितने समय तक रहता है. साथ ही नक्षत्र के अनुसार रोगों से मुक्ति पाने के उपायों के बारे में आपको पता चलेगा.
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अश्विनी नक्षत्र
- अश्विनी नक्षत्र में रोग होता है तो वो एक दिन, 9 दिन या 25 दिन तक कष्ट देता है.
- उपाय- नियमित रूप से 10 माला 'ऊँ गं गणपतये नम:' मंत्र का जाप करें. साथ ही दीन-दुखियों की सेवा करें.
भरणी नक्षत्र
- इस नक्षत्र में रोग शुरू होता है तो वो 11, 21 या 30 दिन तक परेशान करता है. बता दें कि भरणी नक्षत्र में हुए रोग के दौरान यदि व्यक्ति पर किसी भी ग्रह की कष्टकारी दशा या अंतर्दशा चल रही होती है तो रोग मृत्यु तुल्य भी हो सकता है.
- उपाय- जरूरतमंद लोगों की सेवा करें. साथ ही मां पार्वती, शिव जी या गणेश जी की नियमित रूप से पूजा करें. इसके अलावा दक्षिण दिशा में यम देव के निमित दीपदान करने से भी लाभ होता है.
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कृत्तिका नक्षत्र
- कृत्तिका नक्षत्र में रोग शुरू होगा तो वो 9, 10 या 21 दिनों तक कष्ट देगा.
- उपाय- घर में हवन करें. साथ ही हनुमान जी की पूजा करें और नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप करें.
यदि आप अन्य नक्षत्रों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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