Kaal Bhairav Jayanti 2025: भगवान काल भैरव की सबसे मुख्य विशेषता यह है कि वह भगवान शिव का उग्र और शक्तिशाली रूप हैं, जो समय और मृत्यु के स्वामी हैं, और भय, अहंकार व नकारात्मकता को दूर करते हैं. उन्हें 'काल के रक्षक' और 'भय को दूर करने वाले' के रूप में पूजा जाता है. आज बुधवार 12 नवंबर, 2025 को इन्हीं काल भैरव भगवान की जयंती है, जो हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. आपको बता दें कि भगवान शिव के काल भैरव स्वरूप की पूजा से भक्तों को साहस और शक्ति मिलती है और वे किसी भी हानि से सुरक्षित रहते हैं.

काल भैरव जयंती के शुभ अवसर पर लोग भय, रोग, और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति पाने के लिए व्रत रखते हैं, मंत्रों का जाप और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. काल भैरव जयंती पर काली मिर्च की माला, उड़द दाल के पकौड़े और जलेबी जैसे विशेष भोग अर्पित किए जाते हैं. कुत्ता काल भैरव भगवान का वाहन है, इसलिए लोग इस दिन कुत्ते को भी भोजन कराते हैं. आइए जानते हैं, काल भैरव के जयंती के दिन किन मंत्रों से उनकी पूजा करने से संकटों से मुक्ति मिलती है.

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1. काल भैरव मूल मंत्र

    ॐ कालभैरवाय नमः।

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    इसका अर्थ है: 'मैं काल भैरव को प्रणाम करता हूं.' यह सबसे सरल और अत्यंत प्रभावी मंत्र है. इसका नियमित जाप सभी प्रकार के भय और अनिश्चितताओं को दूर करने में सहायक है.

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    2. काल भैरव बीज मंत्र

      ॐ भ्रं कालभैरवाय सर्व बाधा निवारणाय हुं फट्।

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      इसका अर्थ है: मैं काल भैरव का आह्वान करता हूं, जिनमें बुराइयों को नष्ट करने की शक्ति है और जो सभी बाधाओं को दूर करते हैं. यह मंत्र विशेष रूप से सभी प्रकार की बाधाओं, नकारात्मक ऊर्जा, जादू-टोना और बुरी शक्तियों को नष्ट करने के लिए है.

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      3. काल भैरव गायत्री मंत्र

        ॐ कालकालाय विद्महे, कालातीताय धीमहि, तन्नो काल भैरवः प्रचोदयात्।

        इसका अर्थ है: हम काल के भी काल (महाकाल) को जानते हैं, हम काल से परे रहने वाले का ध्यान करते हैं, काल भैरव हमें प्रेरणा दें. यह मंत्र ज्ञान, बुद्धि, आध्यात्मिक जागरूकता और समय के कुशल प्रबंधन को बढ़ाने के लिए है. यह ग्रह दोषों के बुरे प्रभावों से भी रक्षा करता है.

        4. बटुक भैरव मंत्र (Batuk Bhairav Mantra)

          ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं

          इसका अर्थ है: मैं बटुक भैरव (भैरव का बालक स्वरूप) का आह्वान करता हूं, जो संकटों को दूर करते हैं. यह मंत्र विशेष रूप से संकटों और आकस्मिक विपत्तियों से तुरंत रक्षा के लिए जपा जाता है. यह कानूनी मामलों में जीत पाने के लिए भी उपयोगी है.

          5. महाकाल भैरव बीज मंत्र

            ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः।

            इसका अर्थ है: जो ब्रह्मांड, विभिन्न बीज अक्षर, शक्ति, ज्ञान आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं, मैं उस महाकाल भैरव को प्रणाम करता हूँ. यह उग्र और अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है. इसका जाप शत्रुओं पर विजय पाने, तांत्रिक क्रियाओं को असफल करने और कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में सफलता के लिए किया जाता है.

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            डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.