Jyeshtha Amavasya 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए साल में आने वाली प्रत्येक अमावस्या का खास महत्व है, जिसकी पूजा हर महीने एक बार की जाती है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस समय ज्येष्ठ माह चल रहा है, जिसके कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर ज्येष्ठ अमावस्या मनाई जाएगी, जो कि साल 2026 में 16 मई को है. इस दिन शनि देव, माता सावित्री, भगवान शिव, विष्णु जी, मां लक्ष्मी, सूर्य देव और पितरों की पूजा करना शुभ होता है. साथ ही व्रत रखने का विधान है. मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या पर पूजा करने से पितृ दोष, शनि दोष और जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति मिलती है.
हालांकि, इस बार ज्येष्ठ अमावस्या पर चंद्र ग्रह का गोचर भी हो रहा है, जिसका सीधा प्रभाव 12 राशियों के जीवन पर पड़ेगा. चलिए अब जानते हैं ज्येष्ठ अमावस्या पर चंद्र गोचर के समय, पूजा के शुभ मुहूर्त और चंद्रमा के राशि गोचर के 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में.
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ज्येष्ठ अमावस्या की पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:07 से सुबह 04:48
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:50 से दोपहर 12:45
- सायाह्न सन्ध्या- शाम 07:05 से रात 08:08
- अमृत काल- दोपहर 01:15 से दोपहर 02:40
- निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:38
ज्येष्ठ अमावस्या पर किस समय होगा चंद्र गोचर?
द्रिक पंचांग के अनुसार, 16 मई 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रात में 10 बजकर 46 मिनट पर चंद्र ग्रह का वृषभ राशि में गोचर होगा. हालांकि, इससे पहले यानी अभी चंद्र महाराज मेष राशि में संचार कर रहे हैं, जबकि इस गोचर के बाद मिथुन राशि में भ्रमण करेंगे.
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12 राशियों पर चंद्र गोचर का कैसा पड़ेगा प्रभाव?
शुभ प्रभाव-
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- मिथुन राशि (Gemini)
- तुला राशि (Libra)
- मकर राशि (Capricorn)
- कुंभ राशि (Aquarius)
अशुभ प्रभाव
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- मेष राशि (Aries)
- सिंह राशि (Leo)
- कन्या राशि (Virgo)
- धनु राशि (Sagittarius)
- मीन राशि (Pisces)
सामान्य प्रभाव
- मिथुन राशि (Gemini)
- कर्क राशि (Cancer)
- वृश्चिक राशि (Scorpio)
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.