Panchak 2026: माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है जिसका समापन 28 जनवरी को होगा. गुप्त नवरात्रि के बीच में पंचक लग रहे हैं. पंचक को शुभ कार्य के लिए अशुभ माना जाता है. इस दौरान कामों को करने से असफलता का सामना करना पड़ता है. इस दौरान कुछ कार्य अशुभ फल देते हैं. पंचक की शुरुआत 20 जनवरी की देर रात से हो रही है. पंचक 20 और 21 जनवरी की आधी रात को 1 बजकर 35 मिनट पर शुरू होंगे. इसका समापन 25 जनवरी 2026 को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर होगा. गुरुवार को शुरू होने वाले यह पंचक अग्नि पंचक है.
क्या होता है पंचक?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब चंद्र ग्रह धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में संचरण कर रहे होते हैं उस समय पंचक काल मान्य होता है. चंद्र ग्रह के कुंभ और मीन राशि में होने पर पंचक होता है. ऐसी मान्यता है कि, इस दौरान कोई अशुभ घटना होती है तो वह पांच बार हो सकती है. पंचक के दौरान कई बातों का ध्यान रखना चाहिए. यह पंचक गुप्त नवरात्रि में पड़ रहे हैं इस नवरात्रि में कई कार्य शुभ होते हैं लेकिन पंचक में ऐसा करने से बचना चाहिए.
पंचक में इन बातों का रखें ध्यान
पंचक के दौरान घर का निर्माण कार्य शुरू करने की मनाही होती है. अगर पहले से निर्माण कार्य चल रहा है तो इसे कर सकते हैं. पंचक में छत डलवाने की मनाही होती है. ऐसा करने से घर में कलह और धन हानि होती है. चारपाई, बेड और बिस्तर खरीदना मना होता है. इससे सुख-शांति में बाधा आती है. पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर पंचक के समय किसी की मृत्यु होती है तो अंतिम संस्कार के समय विशेष उपाय किये जाते हैं. आप पंचक के दौरान पूजा-पाठ, नामकरण संस्कार और नियमित व्यापारिक कार्य कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Panchak 2026: माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है जिसका समापन 28 जनवरी को होगा. गुप्त नवरात्रि के बीच में पंचक लग रहे हैं. पंचक को शुभ कार्य के लिए अशुभ माना जाता है. इस दौरान कामों को करने से असफलता का सामना करना पड़ता है. इस दौरान कुछ कार्य अशुभ फल देते हैं. पंचक की शुरुआत 20 जनवरी की देर रात से हो रही है. पंचक 20 और 21 जनवरी की आधी रात को 1 बजकर 35 मिनट पर शुरू होंगे. इसका समापन 25 जनवरी 2026 को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर होगा. गुरुवार को शुरू होने वाले यह पंचक अग्नि पंचक है.
क्या होता है पंचक?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब चंद्र ग्रह धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में संचरण कर रहे होते हैं उस समय पंचक काल मान्य होता है. चंद्र ग्रह के कुंभ और मीन राशि में होने पर पंचक होता है. ऐसी मान्यता है कि, इस दौरान कोई अशुभ घटना होती है तो वह पांच बार हो सकती है. पंचक के दौरान कई बातों का ध्यान रखना चाहिए. यह पंचक गुप्त नवरात्रि में पड़ रहे हैं इस नवरात्रि में कई कार्य शुभ होते हैं लेकिन पंचक में ऐसा करने से बचना चाहिए.
पंचक में इन बातों का रखें ध्यान
पंचक के दौरान घर का निर्माण कार्य शुरू करने की मनाही होती है. अगर पहले से निर्माण कार्य चल रहा है तो इसे कर सकते हैं. पंचक में छत डलवाने की मनाही होती है. ऐसा करने से घर में कलह और धन हानि होती है. चारपाई, बेड और बिस्तर खरीदना मना होता है. इससे सुख-शांति में बाधा आती है. पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर पंचक के समय किसी की मृत्यु होती है तो अंतिम संस्कार के समय विशेष उपाय किये जाते हैं. आप पंचक के दौरान पूजा-पाठ, नामकरण संस्कार और नियमित व्यापारिक कार्य कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.