Home Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, दीवारों के रंग केवल घर की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते हैं, बल्कि वे दिलो-दिमाग और मूड पर भी व्यापक असर डालते हैं. वास्तु नियमों के मुताबिक कुछ रंग मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं. इसकी वजह से घर में कलह भी हो सकता है. वहीं, कुछ रंग खुशहाली वाले होते हैं, जो मन-मस्तिष्क को जागृत कर सकते हैं और डिप्रेशन को भी सुकून में बदल देते हैं. यहां वास्तु के अनुसार ऐसे 5 रंगों के बारे में बताया गया है, जो घर में खुशियां बढ़ाते हैं और मूड को ठीक रखते हैं?
हल्का नीला
इस रंग को वास्तु में जल तत्व से जुड़ा माना गया है. यह रंग घर में शांति और अच्छे माहौल का वातावरण बनाता है. मनोविज्ञान में भी इस रंग को आंखों को सुकून देनेवाला और मन को शांत रखने वाला माना गया है. यह बेडरूम के लिए भी अच्छा है.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: Nameplate Vastu Tips: मेटल या लकड़ी किस प्रकार की नेमप्लेट चमकाती है किस्मत, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र
ऑफ व्हाइट और सफेद
वास्तु के अनुसार, सफेद और ऑफ व्हाइट वायु तत्व का प्रतीक है रंग है. इसे लिविंग रूम के लिए शुभ माना जाता है. इसकी ऊर्जा भी लिविंग रूम के लिए अच्छी मानी जाती है. इससे ताजगी, स्पष्टता और खुलेपन यक एहसास होता है. यह हर रूम के लिए उपयुक्त होता है.
---विज्ञापन---
हल्का पीला और क्रीम कलर
हल्का पीला और क्रीम कलर को ऊर्जा का रंग माना जाता है. यह धन को भी आकर्षित करता है, जो आशावाद और समृद्धि का प्रतीक है. मान्यता है, इससे घर में खुशी कायम रहती है. यह लिविंग, बेडरूम, किचन, पूजा आदि सभी जगहों के लिए शुभ है.
यह भी पढ़ें: Cloth Changing Dream Meaning: सपने में खुद को कपड़े बदलते देखना है किस बात का संकेत, जानें स्वप्न शास्त्र का रहस्य
---विज्ञापन---
हल्का हरा और पेस्टल रंग
मानसिक थकान को दूर कर ताजगी और राहत के लिए हल्के हरे रंग को लाजवाब माना गया है. वास्तु शास्त्र में इसे प्रकृति का रंग भी कहा गया है. साथ ही ये स्वास्थ्य से भी जुड़ा होता है. मान्यता है कि घर में इस रंग के उपयोग से फॅमिली मेम्बर्स में संतुलन और सद्भाव बढ़ता है.
हल्का भूरा रंग
वास्तु शास्त्र में भूरा रंग को पृथ्वी तत्व से जुड़ा माना गया है, जो स्थिरता और सुरक्षा से जुड़ा है. यही कारण है कि इस रंग सुरक्षित, ग्राम और आरामदायक माना जाता है. कहते हैं, इसके सही उपयोग से घर के आर्थिक स्थिति संभलती है और रिश्तों में मजबूती आती है.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: Kaalchakra: किस नक्षत्र में हुई बीमारी जल्दी नहीं होती है ठीक, पं. सुरेश पाण्डे से जानें रोग की अवधि और उपाय
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
---विज्ञापन---