Home Vastu Tips: घर का पायदान खोलेगा किस्मत के द्वार, जानें सही रंग और दिशा का रहस्य!

Home Vastu Tips: भारतीय वास्तु शास्त्र के अनुसार, दरवाजे पर पायदान का सही आकार, रंग और सामग्री चुनना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह घर में सुख-समृद्धि और शांति लाने में सहायक होता है। आइए जानते हैं, पायदान का सही आकार, उसका रंग और उसे रखने की सही दिशा क्या है?

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Home Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार और कमरों के दरवाजे पर डोरमैट यानी पायदान रखना न केवल घर के द्वार की रौनक और सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि यह पांव और जूते-चप्पलों की गंदगी और नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है। मान्यता है कि पायदान पर पैर रखते ही सारी नकारात्मक ऊर्जा घर के बाहर ही रह जाती है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

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भारतीय वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि दरवाजे पर पायदान रखना वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा, स्वच्छता और सौंदर्य बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है। इसके लिए पायदान का सही आकार, रंग और सामग्री चुनना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह घर में सुख-समृद्धि और शांति लाने में सहायक होता है। आइए जानते हैं, पायदान का सही आकार, उसका रंग और उसे रखने की सही दिशा क्या है?

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पायदान का आकार

वास्तु के अनुसार, पायदान के आकार का चयन सही ढंग से करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

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आयताकार पायदान: यह आकार घर में स्थिरता और मजबूत रिश्तों को प्रोत्साहित करता है। इस आकार का दोरमैट घर के मेन गेट पर बेहद शुभ माना गया है।

गोलाकार पायदान: यह प्रेमपूर्ण और वैवाहिक जीवन में आनंद को बढ़ावा देता है। इसे बेडरूम के दरवाजे पर रखने से अधिक लाभ होता है।

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अंडाकार पायदान: यह घर में धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। इसे ड्रॉइंग रूम, किचेन आदि के गेट पर रखना चाहिए।

पायदान का रंग और दिशा का रहस्य

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर सही दिशा और रंग का पायदान रखना घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को आकर्षित करता है।

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उत्तर दिशा: इस दिशा में मुख्य द्वार होने पर क्रीम या हल्का नीला रंग का पायदान शुभ माना जाता है। यह रंग घर में शांति और समृद्धि लाता है।

पूर्व दिशा: पूर्व दिशा के मुख्य द्वार के लिए हल्का नीला या सफेद रंग का पायदान उपयुक्त होता है, जो सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। इस दिशा में काले रंग का पायदान नहीं रखना चाहिए।

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दक्षिण दिशा: दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार होने पर लाल या नारंगी रंग का पायदान रखना शुभ होता है, क्योंकि यह दिशा अग्नि तत्व से संबंधित है।

पश्चिम दिशा: पश्चिम दिशा के मुख्य द्वार के लिए मिट्टी के रंग, जैसे भूरे या मिट्टी के रंग का पायदान उपयुक्त होता है, जो घर में स्थिरता और समृद्धि लाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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