हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Hindu Marriage Rules: क्या सच में एक स्त्री के 4 पति होते हैं? विवाह से पहले कन्या पर किसका अधिकार? जानें शास्त्रों का रहस्य

Hindu Marriage Rules: क्या सच में शास्त्रों में एक स्त्री के 4 पति होने की बात कही गई है? ऋग्वेद में इसका उल्लेख जरूर मिलता है, लेकिन इसका अर्थ 4 शादी नहीं, बल्कि एक अलग वैदिक मान्यता से जुड़ा है. आइए जानते हैं, विवाह से पहले कन्या पर किसका अधिकार माना गया है?

विज्ञापन

Hindu Marriage Rules: सोशल मीडिया पर अक्सर एक चर्चा वायरल होती रही है कि ‘शास्त्रों में लिखा है कि एक स्त्री के 4 पति होते हैं.’ यह बात सुनकर कई लोग हैरान रह जाते हैं, कुछ इसे सच मान लेते हैं, तो कई इसे गलत समझकर खारिज कर देते हैं. यानी, लोग अक्सर दो हिस्सों में बंट जाते हैं. लेकिन सच इन दोनों के बीच है. सनातन धर्म के प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद में इसका उल्लेख जरूर मिलता है, लेकिन क्या इसका मतलब 4 शादी या बहु-पति प्रथा है या असल बात कुछ और ही है. आइए,इसे जानते हैं कि विवाह से पहले कन्या पर किसका अधिकार माना गया है?

क्या कहते हैं वेद?

सबसे प्राचीन वेद, ऋग्वेद के 10वें मंडल के सूक्त 85 के 40वें श्लोक में कहा गया है:

‘सोमः प्रथमो विविदे गन्धर्वो विविद उत्तरः.
तृतीयो अग्निष्टे पतिस्तुरीयस्ते मनुष्यजाः॥’

विज्ञापन

इस अर्थ है: सोम यानी चंद्रमा ने सबसे पहले (कन्या को) प्राप्त किया, फिर गंधर्व उसे पाने वालों के दूसरे स्थान पर हैं, फिर अग्नि तीसरे पति हैं और चौथा पति मनुष्य है.

ऐसा ही मंत्र अथर्ववेद में भी मिलता है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Samudrik Shastra: पैरों के ये 6 शुभ निशान महिलाओं को बनाते हैं भाग्यशाली और धनवान, मिलता है सोसाइटी में सम्मान

तो क्या सच में 4 पति होते हैं?

इस श्लोक के कारण कई कन्फ्यूजन हो चुके हैं. लोग ये मान लेते हैं कि सच में एक स्त्री के 4 पति होते हैं. लेकिन क्या यह वाकई में सच है. इसका जवाब है- नहीं. यहां सबसे जरूरी बात ‘पति’ शब्द का अर्थ समझना है. वैदिक संदर्भ में इसका मतलब सिर्फ जीवनसाथी नहीं, बल्कि रक्षक, संरक्षक और पालन करने वाला भी होता है. इसलिए इस मंत्र को शाब्दिक अर्थ में नहीं, बल्कि उसके संदर्भ में समझना जरूरी है.

विज्ञापन

ये 4 संरक्षक कौन हैं?

वैदिक परंपरा के अनुसार, कन्या के जीवन के अलग-अलग चरणों में अलग-अलग देवताओं का प्रतीकात्मक संरक्षण माना गया है:

-सोम देव: ये बचपन, मन की पवित्रता और कोमल स्वभाव के प्रतीक हैं. इसलिए उन्हें पहला संरक्षक माना गया.
-गंधर्व देव: ये किशोरावस्था, भावनाओं, सौंदर्य और कला से जुड़े माने गए हैं. इसलिए दूसरा संरक्षण उनसे जोड़ा गया.
-अग्नि देव: ये विवाह संस्कार के साक्षी हैं. वे पवित्रता, ऊर्जा और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक हैं. इसलिए विवाह के समय उन्हें तीसरा संरक्षक माना गया.

विज्ञापन

इसके बाद विवाह पूरा होने पर सांसारिक पति कन्या का चौथा और वास्तविक संरक्षक बनता है, जिसके साथ वह गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियां निभाती है.

यह भी पढ़ें: Numerology Personality Traits: बिना कुछ किए भी दूसरों का ‘क्रश’ बन जाते हैं इन तारीखों में जन्मे लोग, जानें अंक ज्योतिष का छिपा सच

विज्ञापन

वास्तव में मैसेज क्या है?

पूरी मान्यता एक लड़की के जीवन के चार महत्वपूर्ण पड़ावों को समझाती है. बचपन, किशोरावस्था, विवाह संस्कार और गृहस्थ जीवन. हर चरण को एक दिव्य शक्ति से जोड़कर यह संदेश दिया गया कि स्त्री सम्मान, सुरक्षा और गरिमा की अधिकारी है. यहां जीवन के चार चरणों में मिलने वाले प्रतीकात्मक संरक्षण की बात करते हैं. यही इस वैदिक परंपरा का वास्तविक अर्थ है.

यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: पति-पत्नी के ‘गुप्त कर्तव्य’ क्या हैं, जानें सक्सेसफुल मैरिड लाइफ के 5 जरूरी नियम

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola