Padmini Ekadashi 2026: पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा के लिए एकादशी का व्रत रखा जाता है. हर एकादशी का अलग-अलग महत्व होता है. ज्येष्ठ महीने में अधिकमास है. अधिकमास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पद्मिनी एकादशी कहते हैं. लोगों के बीच पद्मिनी एकादशी की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है. चलिए जानते हैं कि, पद्मिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा.
कब है पद्मिनी एकादशी? (Padmini Ekadashi Kab Hai)
ज्येष्ठ महीने में अधिकमास के दौरान शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी है. अधिकमास की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि का आरंभ 26 मई 2026, दिन मंगलवार को सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर होगा. एकादशी तिथि का समापन 27 मई 2026 दिन बुधवार को सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर होगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई बुधवार को रखा जाएगा. पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण अगले दिन 28 मई की सुबह किया जाएगा.
पद्मिनी एकादशी पूजा विधि (Padmini Ekadashi Puja Vidhi)
पद्मिनी एकादशी के दिन विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए आपको व्रत करना चाहिए. एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहन लें. आप व्रत का संकल्प करें और गंगाजल से पूजा स्थान की सफाई करें. चौकी स्थापित कर पीला कपड़ा बिछाएं और विष्णु भगवान की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान के समक्ष दीपक और धूप जलाएं. विष्णु भगवान को फल, फूल और तुलसी अर्पित करें. विष्णु भगवान के मंत्रों का जाप करें और आरती कर पूजा संपन्न करें. अगले दिन व्रत का पारण करें.
विष्णु भगवान पूजा मंत्र (Lord Vishnu Puja Mantra)
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः।
ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्याओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.