Eid Ka Chand: रमजान का पवित्र महीना अपने आखिरी दौर में है और अब हर किसी की नजर आसमान पर टिकी है। ईद-उल-फितर का त्योहार बस आने ही वाला है। सऊदी अरब से आई ताजा जानकारी के बाद भारत समेत कई देशों में चांद के दीदार को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है। बाजारों में रौनक है और घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
सऊदी अरब में 30 रोजे पूरे
सऊदी अरब में इस बार रमजान के पूरे 30 रोजे रखे जाएंगे। वहां 29वें रोजे की शाम को शव्वाल का चांद नजर नहीं आया। इस कारण गुरुवार को आखिरी रोजा रखा जाएगा। इसके बाद शुक्रवार, 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। खास नमाज सूर्योदय के कुछ देर बाद अदा की जाएगी और जश्न का सिलसिला शुरू होगा।
---विज्ञापन---
भारत में कब दिखेगा चांद?
भारत में ईद की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद यहां ईद होती है। इस बार 19 मार्च की शाम को चांद देखने की कोशिश की जाएगी। अगर उसी दिन चांद नजर आ गया, तो 20 मार्च को ईद होगी। अगर नहीं दिखा, तो 21 मार्च को त्योहार मनाया जाएगा।
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: Samudrik Shastra: हाथ की किस उंगली का टेढ़ा होना माना गया है अशुभ, जानें जीवन पर असर
क्यों खास है चांद का दीदार?
इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह चांद पर आधारित होता है। नया महीना चांद दिखने से शुरू होता है। इसी वजह से रमजान का अंत और ईद की शुरुआत भी चांद से जुड़ी होती है। देशभर में रुयत-ए-हिलाल कमेटियां बैठती हैं। वे चांद दिखने की पुष्टि करती हैं। इसके बाद ही आधिकारिक घोषणा होती है।
बाजारों में बढ़ी रौनक
दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों में बाजार सज चुके हैं। कपड़े, जूते, इत्र और सेवइयों की खूब खरीदारी हो रही है। दुकानों पर देर रात तक भीड़ देखी जा रही है। बच्चों के लिए खास कपड़े और खिलौने भी खरीदे जा रहे हैं।
घरों में शुरू हुई तैयारी
घर-घर में पकवानों की तैयारी शुरू हो चुकी है। सेवइयां, खीर और कई मीठे व्यंजन बनाए जाते हैं। लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए तोहफे भी तैयार कर रहे हैं। ईद के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, नमाज पढ़ते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं।
बदलते दौर में ईद का रंग
अब डिजिटल दौर में ईद की शुभकामनाएं सोशल मीडिया के जरिए भी दी जाती हैं। ऑनलाइन शॉपिंग और ई-गिफ्ट का चलन बढ़ा है। फिर भी चांद देखने की परंपरा और मिल-जुलकर खुशियां मनाने का उत्साह आज भी वैसा ही बना हुआ है।
यह भी पढ़ें: Vasut Dosh Upay: घर में बढ़ते टेंशन, बार-बार झगड़े की वजह कहीं ये 5 वास्तु दोष तो नहीं, करें ये उपाय
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.