Eid Al Adha 2026: भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में बहुत ही धूमधाम से बकरा ईद यानी ईद उल-अजहा का त्योहार मनाया जाता है. हर साल बकरीद (bakra eid kis din mani jati hai) का त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने यानी जिलहिज्जा की दसवीं तारीख को मनाया जाता है. इस दिन दुनियाभर के मुसलमान ईद की विशेष नमाज अदा करते हैं और जानवरों की कुर्बानी देते हैं. खासकर, बकरे की कुर्बानी दी जाती है.

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, देशभर में आज 28 मई 2026, वार गुरुवार को ईद उल-अजहा यानी बकरीद (eid al adha 2026 in india date) का त्योहार मनाया जा रहा है.

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बकरा ईद मनाने का धार्मिक महत्व (The Religious Significance of Celebrating Bakra Eid)

बता दें कि बकरा ईद (bakra eid par bakre ki qurbani kyu di jati hai) पर कुर्बानी देने की परंपरा हजरत इब्राहिम से जुड़ी है. एक बार अल्लाह ने हजरत इब्राहीम की परीक्षा ली और उनसे उनकी सबसे प्यारी चीज को कर्बान करने को कहा. हजरत इब्राहीम को अपना बेटा हजरत इस्माइल बहुत प्रिय था, जिसकी कुर्बानी देने का फैसला उन्होंने किया.

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अल्लाह हजरत इब्राहीम के इस त्याग से खुश हुए और उन्होंने उनके बेटे की जगह एक जानवर की कुर्बानी स्वीकार की. इसी घटना की याद में इस्लाम धर्म के लोग हर साल बकरा ईद (bakra eid kyu manate hai in hindi) का त्योहार मनाते हैं और जानवरों की कुर्बानी देते हैं.

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कैसे मनाई जाती है बकरा ईद?

बकरीद का त्योहार करीब तीन दिनों तक चलता है. इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद व ईदगाह में इकट्ठा होते हैं. नियमित रूप से ईद की नमाज अदा करते हैं. साथ ही एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई देते हैं. इसके अलावा हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में जानवरों की विशेष रूप से कुर्बानी भी दी जाती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.