Vaishakh Purnima 2025: वैशाख पूर्णिमा पर न करें ये 5 काम, वरना रुक सकती है समृद्धि की रफ्तार

Vaishakh Purnima 2025: वैशाख पूर्णिमा एक ऐसा शुभ अवसर है जो धार्मिक आस्था, आत्मिक शुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए बेहद खास होता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके जीवन में समृद्धि, शांति और शुभ ऊर्जा बनी रहे, तो इस दिन यानी 12 मई को यहां बताई गई 5 बातों का विशेष ध्यान रखें। आइए जानते हैं, क्या हैं ये बातें?

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Vaishakh Purnima 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा का दिन बहुत पवित्र और शुभ माना गया है। यह दिन पुण्य, तप और भक्ति का विशेष अवसर है, जब भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इस साल वैशाख पूर्णिमा सोमवार 12 मई को मनाई जाएगी। लेकिन ध्यान रखें, इस दिन कुछ गलतियां ऐसी हैं, जो आपके पुण्य को कम कर देती हैं और दुर्भाग्य को बुलावा दे सकती हैं। आइए जानते हैं, ये 5 काम क्या हैं, जो वैशाख पूर्णिमा के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए?

इस रंग के कपड़े पहनने से बचें

वैशाख पूर्णिमा जैसे पावन दिन पर काले, नीले और अन्य गहरे रंगों के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन हल्के रंगों जैसे सफेद, पीले या क्रीम रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है। गहरे रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं, जिससे मानसिक अशांति बढ़ सकती है।

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न करें मांस-मदिरा का सेवन

पूर्णिमा की तिथि को सात्विक दिन माना गया है, इसलिए इस दिन मांसाहार और शराब जैसी तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए। इस दिन संयम, उपवास और शुद्ध आहार का विशेष महत्व होता है। इससे शरीर और मन दोनों पवित्र रहते हैं।

न करें किसी का अपमान

वैशाख पूर्णिमा के दिन माता-पिता, गुरु और बुजुर्गों का विशेष सम्मान करें। किसी का भी अपमान करना, खासकर इस दिन, अत्यंत अशुभ माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि बुजुर्गों को नाराज करने से पुण्य नष्ट हो सकता है और पितृदोष भी लग सकता है।

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बुरे कर्मों से रहें दूर

यह दिन सकारात्मक और पवित्र कर्मों के लिए जाना जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार का झूठ बोलना, चोरी करना, जानवरों को पीड़ा देना या किसी भी प्रकार की हिंसा करना पूरी तरह वर्जित है। पवित्र नदी में स्नान करके भगवान का स्मरण करना और जरूरतमंदों को दान देना इस दिन का सार है।

देर तक सोना अशुभ

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन सुबह जल्दी उठना और स्नान कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। देर तक सोने से आलस्य बढ़ता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो जाता है। इसलिए इस दिन सूर्योदय के समय उठकर पूजा-पाठ करना चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan Kumar

Shyamnandan Kumar

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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